इस लग्न के जातक राजनीति में होते है माहिर, भगवान राम ने लिया था इसी लग्न में अवतार
कर्क लग्न वाले कैसे होते हैं: सभी 12 लग्न के जातकों के बारे में जानने की कड़ी में आज चौथी लग्न कर्क को विस्तार से जानते हैं. बता दें कि लोगों में लग्न और राशि को लेकर थोड़ा भ्रम हो जाता है. हर कुंडली में एक लग्न और चंद्र राशि होती है. लग्न काफी सूक्ष्म यानी कि आत्मा है. जिस व्यक्ति की जो लग्न होती है उसका आत्मिक स्वभाव भी वैसा ही होता है.
बहुत अच्छे राजनीतिज्ञ होते हैं कर्क लग्न वाले
कर्क लग्न वालों का रंग साफ होता है, इनकी आंखों की पुतली का रंग कम काला होता है, भावुकता, अपार जिज्ञासा, विलासिता, व्यापार दक्षता आदि इनके गुण हैं. अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान और पूज्यजनों का सम्मान करने के साथ ही ये खाने के शौकीन भी होते हैं. कुशल राजनीतिज्ञ होने के साथ ही ये जातक बहुत ऊंचे पद पर आसीन होते हैं. बुद्धिमान होने के साथ ही अपनी पत्नी से प्रेम करने वाले होते हैं. हालांकि इनका व्यक्तित्व बहुत खुला नहीं होता है. ये पशु-पक्षियों से भी बहुत प्रेम करते हैं.
मोटापे से रहना चाहिए सावधान
कर्क का अर्थ होता है केकड़ा. कर्क वाले व्यक्ति एक साथ कई कार्य करने के गुण रखते हैं, अर्थात् मल्टीटास्किंग का टैलेंट इनमें जन्मजात होता है. वैसे इनमें प्रबंधन की क्षमता भी जन्मजात होती है. कर्क काल पुरुष की चौथी राशि होती है. कर्क राशि पुनर्वसु के एक चरण, पुष्य के चार चरण और अश्लेषा के चरणों से मिलकर बनी है. यह उत्तर दिशा की परिचारिका है. इस लग्न का स्वामी चंद्रमा होता है, चंद्रमा के पास केवल एक ही राशि कर्क का आधिपत्य प्राप्त होता है. इसलिए इस लग्न वालों का लग्नेश चंद्रमा है.
इसी राशि में गुरु आकर उच्च के हो जाते हैं, और यहीं पर मंगल आने के बाद नीच के हो जाते हैं. इनका शरीर का रंग साफ होता है. कर्क लग्न वाले लोगों को मोटापे के प्रति बहुत सावधान रहना चाहिए.
आभूषणों के संग्रह का करते हैं शौक
भावुकता, अपार जिज्ञासा, विलासिता, व्यापार दक्षता इनमें कूट-कूट कर भरी होती है. इस लग्न का जातक भोजन का बहुत शौकीन होता है. ऐसे व्यक्तियों को कहां कौन सी खाने की चीज मशहूर है, इसकी जानकारी होती है. इन्हें आभूषणों के संग्रह का भी शौक होता है. कर्क लग्न वाला व्यक्ति ऐसी चीजों का संग्रह करता रहता है जो भविष्य में मूल्यवान हो सकें. कर्क जातक रत्नों को एकत्र करता है भले ही यह रत्न के रूप में वस्तु हो या फिर कोई अच्छे लोग.
सपने साकार करने की होती है भरपूर क्षमता
ऐसे जातक कठोर और कटु वचनों से घृणा करते हैं लेकिन इनको अक्सर इन्हीं चीजों से गुजरना पड़ जाता है. यह अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान और पूज्यजनों का सम्मान करने वाले होते हैं. कर्क लग्न के जातकों में अपने सपने को साकार करने की क्षमता होती है. इनमें मित्रों के प्रति बहुत प्रेम और उदारता होती है.
बड़ा होता है सामाजिक दायरा
इस लग्न के जातकों को घूमने में बहुत मजा आता है. बैठे-बैठे अचानक बाहर जाने का कार्यक्रम बना लेना इनके बाएं हाथ का काम है. इन्हें अपने ड्राइंग रूम को सुसज्जित रखने की प्रबल इच्छा रहती है. इन जातकों का जनसंपर्क भी बहुत ज्यादा होता है. भगवान राम की कुंडली भी कर्क लग्न की थी.
कर्क लग्न में लिया था भगवान राम ने अवतार
एक बात ठीक से समझ लेनी चाहिए कि व्यक्ति को जो लग्न मिलती है उसके पीछे उसके पिछले जन्मों के कर्म होते हैं, और जिस लग्न में भगवान राम ने अवतार लिया हो वह कोई मामूली लग्न नहीं हो सकती है. काल पुरुष की कुंडली में चतुर्थ भाव की राशि होने के कारण सुख, समृद्धि, निवास स्थान और जनसंपर्क बहुत उच्च कोटि का होता है. कुंडली में चंद्रमा अच्छी और बलवान स्थिति में हो तो ऐसा जातक बहुत ऊंचे पद पर आसीन होता है.