कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल ने किया चित्त सागर अभ्‍यासिका का उदघाटन

वर्धा. महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल ने सम्राट नगर (पिपरी मेघे) स्थित प्रियदर्शी सम्राट अशोक बुद्ध विहार में चित्त – सागर अभ्‍यासिका का उदघाटन किया । इस अवसर पर बुद्धमूर्ति की प्रतिष्‍ठापना भी की गयी। कार्यक्रम के अध्‍यक्ष के रूप में संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. शुक्‍ल ने बौद्ध धम्‍म की दृष्टि और साधना का महत्‍व रेखांकित करते हुए अपने विचार प्रकट किये। उन्‍होंने कहा कि धम्‍म का चिंतन निरंतरता और सत्‍य के पास ले जाने वाला है । उन्‍होंने कहा कि चित्त – सागर अभ्‍यासिका के माध्‍यम से विद्यार्थियों को प्रतियोगिता परीक्षाओं से संबंधित पुस्‍तकें एवं अन्‍य वैचारिक ग्रंथों का पठन-पाठन करने का अवसर प्राप्‍त होगा और ऐसे लोकोपयोगी उपक्रम को मदद करने में विश्‍वविद्यालय हमेशा अग्रसर रहेगा।

30 अक्‍टूबर को आयोजित कार्यक्रम में मुख्‍य अतिथि के रूप में लोक महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. पुष्‍पा तायडे, हिंदी विश्‍वविद्यालय के वाणिज्‍य एवं प्रबंधन विभाग के अध्‍यक्ष प्रो. रवींद्र बोरकर तथा सम्राट नगर के प्रा. मुन्‍ना नाखले उपस्थित थे। प्रास्‍ताविक वक्‍तव्‍य में प्रो. बोरकर ने चित्त – सागर अभ्‍यासिका का लाभ लेने का आहवान किया। उन्‍होंने अभ्‍यासिका की ओर से अनेक उपक्रमों का आयोजन करने की जानकारी भी दी। अतिथियों का स्‍वागत बुद्ध एवं उनका धम्‍म ग्रंथ प्रदान कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन विकास नाखले ने किया तथा पूजा कांबले ने आभार माना। इस अवसर पर राजू थुल, भिमराव थुल, हिंदी विश्‍वविद्यालय के डॉ. संदीप सपकाले, डॉ. शैलेश कदम, बी. एस. मिरगे, सम्राट नगर के नागरिक तथा प्रियदर्शी सम्राट अशोक बुद्ध विहार समिति के पदाधिकारी एवं सदस्‍य प्रमुखता से उपस्थित थे।

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!