वन अधिकार पत्र से ग्रामीणों को मिला आजीविका का साधन : मुख्यमंत्री


रायपुर. राज्य सरकार द्वारा ग्रामीणों को वन अधिकार पत्र दिए जाने से उन्हें अपने जमीन पर अधिकार मिलने के साथ आजीविका के साधन के रूप में बड़ा सहारा मिला है। बलरामपुर जिले में विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमि पूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नेे आज मुरका गांव के वनअधिकार पत्र प्राप्त करने वाले ग्रामीण फूूलसाय और राजाराम पोर्त से वर्चुअल माध्यम से बातचीत कर उनका हाल-चाल जाना। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने दूरस्थ जिले के ग्रामीणों से न सिर्फ वन अधिकार पत्र से उनके जीवन में आए बदलाव और सहूलियत के संबंध में जानकारी ली बल्कि अपने किसानी के अनुभव से उन्हें जमीन की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने सुझाव भी दिया।

मुख्यमंत्री श्री बघेल से बात करते हुए राजाराम पोर्ते ने बताया कि उन्हें 2 एकड़ जमीन का पट्टा मिला है,जिसमें डबरी और कुआं भी है। कुंआ के पानी का उपयोग वे साग-सब्जी लगाने में करते हैं और डबरी से गेहूं, सरसों बोते हैं और उसमें मछली पालन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा सब्जी के उत्पादन के संबंध में पूछने पर राजाराम ने बताया कि दो से ढाई क्विंटल सब्जी उन्होंने बेचा है। इस पर श्री बघेल ने सब्जी का उत्पादन कम होने का कारण पूछने पर राजाराम ने नयी जमीन और उपजाऊ नहीं होना बताया। इस पर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने उन्हें खेती-किसानी का गुर बताते हुए जमीन की उत्पादकता बढ़ाने के लिए उसमें वर्मी कम्पोस्ट डालने की सलाह दी।

इसी तरह फूल साय ने बताया कि उन्हें ढाई एकड़ का वन अधिकार पत्र मिला है जिसमें एक डबरी और एक कुआं है। मुख्यमंत्री श्री बघेल कुआं में पानी होने संबंधी जानकारी लेने पर फूलसाय ने बताया कि उनके कुआं में पानी है जिससे वे सिंचाई करते हैं और डबरी में मछली पालन करते हैं। मुख्यमंत्री के पूछने पर उन्होंने बताया कि रोहू मछली का पालन कर रहे हैं।

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!