मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों ने जर्जर सड़क की समस्या को लेकर कलेक्ट्रोरेट का किया घेराव

 बिलासपुर/ अनिश गंधर्व. मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों के ग्रामीण जर्जर सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं। निजी फैक्ट्री में चलने वाले भारी वाहनों के कारण कई सड़क पूर्ण रूप से जर्जर हो चुका है। स्थानीय विधायक ने कभी इन ग्रामीणों की मांग पर ध्यान नहीं दिया है। चार से पांच गांवों के ग्रामीणों ने अपने अपने सरपंच को साथ लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और जमकर नारेबाजी करने करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में वोट नहीं डालने की धमकी भी दी। ग्रामीणों में इतना आक्रोश था कि वे कलेक्टोरेट मुख्य मार्ग में चक्काजाम करने पर उतारू हो गये थे। इसी बीच पुलिस हस्ताक्षेप से ले देकर मामला शांत कराया गया। मंगलवार को दोपहर मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के धूमा, सिलपहरी, मानिकपुर आदि गांवों के ग्रामीण एक राय होकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दस से 12 किलो मीटर जर्जर हुए मार्ग को कोई झांकने तक नहीं जाता है। कोयला गाड़ी पलटने के बाद उसे उठाने के लिए भी फैक्टरी मालिक द्वारा व्यवस्था नहीं की गई। कई बार इस मार्ग को सुधारने की मांग ग्रामीण कर चुके हैं किंतु उन्हें आज तक आश्वासन के अलावा आज कुछ हाथ नहीं लगा। कलेक्टोरेट पहुंची महिलाओं ने मस्तूरी विधायक बांधी पर आरोप लगाते हुए कि जब हम लोग सड़क की समस्या को लेकर उनसे मिलने जाते हैं वो हमसे मिलने से इंकार कर देते हुए। आगामी विधानसभा चुनाव में वोट नहीं देने की बात कहते हुए महिलाओं ने जनप्रतिनिधियों को सबक सिखाने की धमकी भी दी है।

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