आत्मनिर्भर भारत को ऊंची उड़ान देने वाले विवेक मिश्रा को राष्ट्रपति पुरस्कार से किया जाएगा सम्मानित

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कोकून से निकलने वाले फाइब्रॉइड प्रोटीन से संक्रमित व संक्रमित घाव को भरने की दवा तैयार करने वाले देवरिया के विवेक मिश्रा की कंपनी टेक्नोलॉजी स्टार्टअप अवार्ड 2020 मिलेगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार का प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 11 मई को यह अवार्ड देगा।

मूल रूप से देवरिया के भटनी स्थित रामपुर खोरीबारी गांव के विवेक मिश्रा बेंगलुरू स्थित फाइब्रोहील बुंडकेयर के संस्थापक है। उन्होंने भारत टंडन व सुब्रह्मण्यम शिवरामान के साथ मिलकर कंपनी बनाई है। बी फार्मा में स्नातक व पुणे से प्रबंधन में स्नाक्तोत्तर
करने वाले विवेक ने रेशम के कोकून में मिलने वाले सेरिसिन व फाईब्रोइन प्रोटीन के जरिए घाव भरने पर शोध किया था। उन्होंने इस दवा को सरकारी डिफेंस वर्ल्ड चैरिटेबल के साथ निजी अस्पतालों को उपलब्ध कराया इन दवाओं में मला हम के अलावा घाव भरने में कारगर बैंडेज कवर फोम आज तैयार कर उसका पेटेंट कराया इनका दिल्ली एम्स में क्लीनिकल ट्रायल हुआ था जिस में बेहतर परिणाम मिले थे।
विवेक ने 2017 में फाइब्रोहिल वुड केयर प्राइवेट लिमिटेड बनाई विवेक के मुताबिक इन दवाओं के आयत की आवश्यकता नहीं है रेशम का कीड़ा जिस पूर्ण कोय(कोकून) को तोड़कर रेशम कीड़ा बाहर आता है वह बेकार हो जाता है इसी कोया से संबंधित प्रोटीन मिलता है कर्नाटक सरकार इनके इस प्रयास के लिए एलीवेट स्टार्टअप 2019 व स्टार्ट अप ऑफ द ईयर 2020 से नवाज चुकी है।
 आत्मनिर्भर भारत को ऊंची उड़ान देने वाले विवेक मिश्रा को राष्ट्रपति पुरुस्कार द्वारा  सम्मानित किये जाने की जानकारी मिलते ही वरिष्ट पत्रकार और समाज सेविका मेघा तिवारी ने विवेक मिश्रा को बधाई दी और  साथ ही उज्वल भविष्य की कामना की  साथ  मेघा तिवारी ने कहा हमारे समाज को विवेक मिश्रा से सीख लेनी चाहिए। इस आशय की जानकारी देते हुये विवेक मिश्र ने मेघा तिवारी आभार व्यक्त किया और अपने सहयोगियों के धन्यवाद किया और इनके इस सफर में प्रेरणा स्रोत बाने पर इनका आभार प्रकट किया।

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