विश्व परिवार दिवस – भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए आवश्यक है संयुक्त परिवार व्यवस्था : महेश अग्रवाल

भोपाल. आदर्श योग आध्यात्मिक योग केंद्र  स्वर्ण जयंती पार्क कोलार रोड़ भोपाल के संचालक योग गुरु महेश अग्रवाल कई वर्षो से निःशुल्क योग प्रशिक्षण के द्वारा लोगों को स्वस्थ जीवन जीने की कला सीखा रहें है वर्तमान में भी ऑनलाइन माध्यम से यह क्रम अनवरत चल रहा है। वर्तमान कोविड 19 महामारी में भी हजारों योग साधक अपनी योग साधना की निरंतरता से विपरीत परिस्थितियों में भी स्वयं स्वस्थ एवं सकारात्मक रहते हुए सेवा के कार्यों में लगे है एवं सयुंक्त परिवार की महत्ता को समझ रहें हैं ।
विश्व परिवार दिवस के अवसर पर सभी सयुंक्त परिवारों को हार्दिक शुभकामनायें देते हुए योग गुरु अग्रवाल ने कहा कि योग का मतलब ही होता है सबको जोड़ना, जुड़े रहना। योग हमें अपने परिवार, अपने समाज, पशु -पक्षियों और समस्त संसार के साथ एक सूत्र में जुड़े होने की अनुभूति देता है। इस प्रकार योग  ‘मैं’ से ‘हम’ की अनोखी यात्रा है। आज व्यक्ति आधुनिक जीवन शैली से उपजी समस्याओं से ग्रस्त है। तनाव, अवसाद (डिप्रेशन), मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां धीरे-धीरे व्यक्ति को मार रही हैं। योग इन सभी बीमारियों का समाधान देते हुए मन, शरीर और बुद्धि को संतुलित कर व्यक्ति के अंतद्वंद्व और तनाव को खत्म कर आनंद देता है।
विश्व परिवार दिवस को मनाने की वजह : आधुनिक समाज में परिवारों का विघटन, विश्व परिवार दिवस का मनाने का प्रमुख कारण हैं यानि जीवन में संयुक्त परिवार की अहमियत बताना है। संयुक्त परिवार से जीवन में होने वाली उन्नति के साथ, एकल परिवारों और अकेलेपन के नुकसान के प्रति युवाओं को जागरूक करना भी विश्व परिवार दिवस का मूल उद्देश्य है। जिससे युवा अपनी बुरी आदतों (धूम्रपान, जुआ) को छोड़कर एक सफल जीवन की शुरुआत कर सकें।हर साल 15 मई को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस  मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1993 में संयुक्त राष्ट्र महासभा की वैश्विक समुदाय परिवारों को जोड़ने वाली पहल के रूप में और परिवारों से संबंधित मुद्दों के बारे में जागरूकता फैलाने, परिवारों को प्रभावित करने वाले आर्थिक, जनसांख्यिकीय और सामाजिक प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी देने के लिए की गई थी। परिवार को आज भी समाज की एक मूल ईकाई माना जाता है। हर साल मई के महीने मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस को संयुक्त परिवार के महत्व और जीवन में परिवार की जरुरत को के प्रति युवाओं में जागरूकता फैलाने के लिए सेलिब्रेट किया जाता है।
योग गुरु अग्रवाल ने परिवार में सामंजस्य पर कहा कि*  घर वही, जहां चले पत्नी की और हो पति के मन का, धैर्य, अपनापन व करुणा से बचाएं परिवार , घर में सामूहिकता के प्रयोग से बचाएं रिश्ते, परिवारों के मानसिक स्वास्थ्य पर काम होना जरूरी, परिवारों को झगड़ो से बचाती है सहनशीलता, धन प्रबंधन आपसी सामंजस्य से करें, सब सदस्यों को अपने जैसा मानें,परिवार को ईश्वर द्वारा दी जिम्मेदारी समझें, प्रेम पूर्ण माहौल से अशांति मिटाएं, सबका मान करें, आपको भी मान मिलेगा,रिश्तों से जीवन में खुशियां और आनंद भरें,पारिवारिक जीवन में रिश्ते बहुत बड़ी पूंजी है, अपनों के लिए कुछ दिन अपने में सिमट जाएं , सतर्कता, स्वच्छता, और स्वास्थ्य के बंधन से बंधे रहें, जीवन में उत्साह ही समृद्धि का कारण है,तप का समय है, नादानी से बचिए,  बच्चों को समझाएं  खर्च और बचत, संवादहीनता से बढ़ती है कटुता,परिवार के सदस्यों से बेहतर तालमेल जरुरी,घर में प्रवेश से पहले अहंकार बाहर छोड़ दें
विश्व परिवार दिवस पर आइए संकल्प लें
नियमित योग करेंगे, सिर्फ अपने बारे में ही सोचने के बजाय घर के दूसरे सदस्यों के बारे में भी सोचेंगे। अपने मन का न होने पर ऊंचे स्वर में बात करने के बजाय पूरे मामले को संयम व प्यार से निपटाएंगे। परिवार के सदस्यों के बीच आपसी समझदारी विकसित करने का प्रयास करेंगे।बड़ों के साथ सम्मान व छोटों के साथ स्नेह से बात करेंगे। परिवार में किसी को जरूरत हो तो उसकी मदद के लिए पहल करेंगे। अपनी जिम्मेदारी को समझेंगे। घर के कामों में बराबर हाथ बटाएंगे।घर में एक-दूसरे को प्रोत्साहित करेंगे। प्रोत्साहन हर इंसान के लिए जरूरी है।गुस्से को खुद से दूर रखने का हरसंभव प्रयास करेंगे।प्रेम व आत्मीयता से परिवार की नींव मजबूत करेंगे। किसी के काम में मीन-मेख निकालने से बचेंगे।
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