अदम्य साहस व मानवता की मिशाल पेश करने वाले पुलिसकर्मियों को आईजी ने सम्मानित किया

बिलासपुर. अपनी ड्यूटी के दौरान जनसेवा, मानवीयता और विश्वसनीयता का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करने वाले पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों को आज बिलासा गुड़ी स्थित सभागार में पुलिस महानिरीक्षक प्रदीप गुप्ता ने सम्मानित किया। साथ ही अरपा नदी में डूब रही महिला को बचाने वाले मोहम्मद शकील को भी बहादुरी के लिए प्रशस्ति पत्र दिया गया।पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल व जिले के पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में आई जी प्रदीप गुप्ता ने यह सम्मान दिया। पुलिस ने 112 टीम के आरक्षक राजेश यादव व ड्राइवर रामकुमार लास्कर को पुरस्कृत किया जिन्होंने बीते आठ दिसम्बर को लूतरा शरीफ में चार युवतियों को मदद पहुंचाई। ये युवतियां दर्शन के लिए लूतरा शरीफ गई थीं, मगर रात में देर हो गई। उन्हें वापस लौटने के लिए कोई सुरक्षित साधन नहीं मिल रहा था इसलिए घबरा रही थीं। उन्होंने 112 में फोन कर मदद मांगी। युवतियों को सुरक्षित उनके घर छोड़ा गया। 112 टीम की इस भूमिका की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी ट्वीट कर प्रशंसा की थी। ग्राम बेलटुकरी में एक गर्भवती महिला को लेकर 112 की टीम अस्पताल पहुंचा रही थी। इसी दौरान उसने वाहन में शिशु को जन्म दिया। 112 टीम में मौजूद आरक्षक दिनेश धृतलहरे व वाहन चालक राजा साहू ने उन्हें तत्काल आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई, जिसके लिए उन्हें पुरस्कृत किया गया।आठ दिसंबर को ही महाराणा प्रताप चौक के पास एक दिव्यांग व्यक्ति जाम में फंस गया। मौके पर उपस्थित यातायात आरक्षक पीआर साहू ने उसे सड़क पार कराया जिसे भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।पेंड्रा थाना से दुष्कर्म के मामले में आरोपियों को सजा दिलाने के लिए निरीक्षक रामअवतार पटेल, उपनिरीक्षक सीपी सोनवानी तथा आरक्षक छेदीलाल श्रीवास को पुरस्कृत किया गया। रक्षा टीम से महिला संबंधी अपराध एवं शिकायत में अच्छा कार्य कर रहीं प्रधान आरक्षक खुर्शीद अहमद, आरक्षक हेमलता गौरव, सरिता टोप्पो व उमेंद्र सिंह को पुरस्कृत किया गया।11 दिसम्बर को आत्महत्या की नीयत से तोरवा पुल से अरपा नदी में कूदने वाली महिला को नदी में कूदकर सुरक्षित बचा लेने वाले मोहम्मद शकील को उसकी बहादुरी के लिए पुलिस महानिरीक्षक ने पुरस्कृत किया। महिला को आवश्यक चिकित्सा सुविधा सरकंडा पुलिस ने उपलब्ध कराई।