अमानत में ख्‍यानत करने वाले आरोपीगण को तीन-तीन वर्ष का सश्रम कारावास

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टीकमगढ़. मीडिया सेल प्रभारी एन.पी. पटेल ने बताया कि दिनांक 12.01.2004 को सेवा सहकारी समिति बिलगायं की जांच खाद्य विभाग द्वारा की गई थी, जिसमें रिकॉर्ड के अनुसार एवं स्‍थल पर प्राप्‍त माल (गेहूं, चॉवल एवं शक्‍कर) का भौतिक सत्‍यापन करने पर खाद्यान कम पाया गया था और यह पाया गया था कि उक्‍त खाद्यान का वितरण पात्र हितग्राहियों को नहीं किया गया। उक्‍त जांच फरियादी समिति प्रबंधक अनंतराम द्वारा इस आशय का आवेदन देने के उपरांत की गई थी। जांच उपरांत जांच अधिकारी डी.आर. चौहान कनिष्‍ठ आपूर्ति अधिकारी जतारा द्वारा अपनी रिपोर्ट एसडीएम जतारा के समक्ष 30.01.2004 को प्रस्‍तुत की गई थी उक्‍त रिपोर्ट के आधार पर ही थाना दिगौड़ा के अपराध क्रमांक 78/04 अंतर्गत धारा 420, 467, 468 भा.द.वि. एवं 3/7 आवश्‍यक वस्‍तु अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान यह पाए जाने पर कि अद्योलिखित आरोपीगण –

1. किशोरी लाल पिता रामप्रसाद घोष उम्र 38 वर्ष निवासी ग्राम रामनगर थाना दिगौड़ा जिला टीकमगढ़ (म.प्र.),
2. संतराम पिता हुकुम सिंह उम्र 40 वर्ष यादव निवासी ग्राम नंदनपुर थाना मोहनगढ़ जिला टीकमगढ़ (म.प्र.)
3. देशपत सिंह पिता माधवसिंह परिहार उम्र 67 वर्ष निवासी ग्राम वर्माताल थाना दिगौड़ा जिला टीकमगढ़ (म.प्र.)
4. वीरसिंह पिता रघुनाथ सिंह घोष उम्र 42 वर्ष निवासी ग्राम वर्माताल थाना दिगौड़ा जिला टीकमगढ़ (म.प्र.)
लीड प्रभारी व सेल्‍समैन जैसे पदों पर नियुक्‍त होकर लोकसेवक की श्रेणी में आते हैं अत: उनके विरूद्ध 409 भा.द.वि. का इजाफा किया गया। संपूर्ण विवेचना पश्‍चात् श्रीमान् न्‍यायालय के समक्ष चालानी कार्यवाही की गई। आज दिनांक को संपूर्ण विचारण पश्‍चात् माननीय न्‍यायालय द्वारा आरोपीगण को दोषी पाते हुए 409 भा.दं.सं. के अपराध में 3-3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000-1000 रूपये के अर्थदंड एवं धारा 3/7 आवश्‍यक वस्‍तु अधिनियम के अपराध में प्रत्‍येक अभियुक्‍त को 1-1 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000-1000 रूपये के अर्थदंड से दंडित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्री प्रमोद कुमार राय, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा की गई।

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