ऑनलाइन सिंधी भाषा दिवस मनाया जाएगा जिसमें होंगी कई प्रतियोगिताएं
बिलासपुर. स्वतंत्रता प्राप्ति के 20 वर्ष उपरांत सिन्धी भाषा को 10 अप्रैल 1967 को संविधान की 8वीं अनुसूची में मान्यता प्रदान की गई। इसलिए सम्पूर्ण भारत में 10 अप्रैल को सिन्धी भाषा दिवस के रूप में मनाया जाता है और प्रत्येक शहर में भाषा से संबंधित कार्यक्रम कराए जाते हैं । हम सभी जानते हैं कि वर्तमान में हमारा देश लॉक डाउन के नाज़ुक दौर से गुजर रहा है और हम सभी अपने अपने घरों में रह करके अपना समय बिता रहे हैं इसीलिए सिंधी भाषा के उपलक्ष में बिलासपुर की भारतीय सिंधु सभा महिला शाखा एवं पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत महिला विंग के द्वारा मोबाइल के माध्यम से सोशल मीडिया का सदुपयोग कर विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जा रही हैं ।
इस प्रतियोगिता में सिंधी समाज के समस्त भाई-बहन भाग ले सकते हैं । प्रतियोगिता कुल 4 समूहों में आयोजित कराई जा रही है प्रथम समूह में 3 से 6 वर्ष के बच्चे द्वितीय समूह में 7 से 10 वर्ष के बच्चे तृतीय समूह में 11 से 16 वर्ष के बच्चे तथा चतुर्थ समूह में 16 वर्ष से बड़े हर उम्र के लोग भाग ले सकते हैं । प्रथम वर्ग में सिन्धी बाल कविताएं, द्वितीय व तृतीय वर्ग में कहानी सुनाना तथा चतुर्थ समूह में भाषण व मुहावरों की प्रतियोगिता रखी गई है । ज्ञात हो कि समस्त प्रतियोगिता सिन्धी भाषा मे ही होनी है । प्रतिभागियों को अपना अपना वीडियो बनाकर भेजना है ।जिसे 9 तारीख की शाम 6 बजे तक भेजना है । प्रत्येक वर्ग में से प्रथम द्वितीय एवं तृतीय विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा भारतीय सिंधु सभा के इन पधाधिकारी को आप विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं वह व्हाट्सए में इन सभी पदाधिकारियों को वीडियो सेंड कर सकते हैं।
अनिता नागदेव,कविता मोटवानी,कविता मंगवानी, भारती सचदेव,रेखा आहूजा,ज्योति पंजाबी,सोनी बहरानी,कीर्ति सिरवानी.