खाट पर सिस्टम..!
बलरामपुर/धीरेन्द्र कुमार द्विवेदी. सरकार चाहे विकास के कितने भी दावे कर ले, लेकिन आज भी कुछ ऐसे गांव हैं जहां अभी तक विकास तो दूर विकास की परछाई भी नहीं पहुंची। आजादी को सात दशक बीत गये यहां के लोग एक सड़क के लिये ना जाने कीतने सालो से आस लगाये बैठे है। जी हां हम बात कर रहे हैं। वाड्रफनगर विकासखण्ड के सरूवत ग्रामपंचायत का जहां पटेल पारा के लोगों के लिये अगर कोई बीमार पड़ जाये तो खाट ही एम्बुलेंसहै।
मरीज को 3 किलो मीटर तक खाट पर लेटा कर लोगों की मदद से ले जाना पड़ता है । ना जाने कीतने लोगों ने मुख्य सड़क तक पहूचने से पहले ही दम तोड़ दिया। आप तस्वीरों में साफ देख सकते हैं कि यहां के लोगों पर क्या बीतती है जब घर में कोई बीमार हो जाये। कितनी मशक्कत से मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।
ग्रामीणों की माने तो , कई गर्भवती महिलाओं का तो रास्ते में ही प्रसव हो गया। जब इस संबंध में सरपंच से बात की गई तो सरपंच ने बताया की मूलभूत के पैसे से सड़क बनवाने का प्रयास किया गया था, लेकिन कुछ दबंगों ने बनाये जा रहे सड़क को दूबारा जोताई कर फसल की बोआई कर दी। हालांकि अपर कलेक्ट यह मान रहे है की यह उस गांव का दुर्भाग्य है की आज तक सड़क नहीं बन पाई और जल्द ही सड़क बनवाने का आश्वासन दे रहे है।