छोटे भूखंडों की खरीद-बिक्री से रोक हटाने से 72 फीसदी आय बढ़ी

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ सरकार के निर्णय से बिलासपुर जिले मंे रियल एस्टेट सेक्टर में अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिली है। इसके साथ ही राज्य सरकार के राजस्व में भी वृद्धि हुई है। राज्य सरकार द्वारा छोटे भूखंडों की खरीद बिक्री से रोक हटाने, सम्पत्ति गाईड लाईन दर में 30 फीसदी की कमी के फैसले से जिले में पंजीयन से प्राप्त राजस्व और सम्पत्तियों की पंजीयन संख्या मंे भारी बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। पिछले आठ महीने के दौरान (जनवरी 2019 से अगस्त 2019 तक) कुल 19 हजार 668 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ है। इसी अवधि में बिलासपुर जिले से पंजीयन शुल्क के रूप में 126 करोड़ रूपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। वहीं पिछले वर्ष जनवरी 2018 अगस्त 2018 के दौरान 14 हजार 823 दस्तावेजों का पंजीयन और 92 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 8 माह में ही पंजीयन शुल्क से 72 फीसदी से अधिक राजस्व की प्राप्ति हुई है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में इन 8 माह में ही 4 हजार 845 अधिक दस्तावेजों का पंजीयन हुआ और पंजीयन शुल्क के रूप में 34 करोड़ से अधिक की राजस्व प्राप्ति हुई है।
सरकार के इस निर्णय से मध्यम वर्गीय परिवार काफी खुश हैं। क्योंकि उनके घर बनाने का सपना पूरा होने लगा है। नियमों के सरलीकरण होने से रियल एस्टेट में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। जिससे आमजन सम्पत्ति खरीद, बिक्री के लिये आगे आ रहे हैं।