जावेद मियांदाद ने दिया भारत विरोधी बयान, ICC को दे डाली यह सलाह


लाहौर. पाकिस्तान क्रिकेट (Pakistan Cricket) के कुछ लोग भारत में चल रहे विरोध प्रदर्शन पर अपनी ओछी बयानबाजी से बाज नहीं आ रहे हैं. पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) प्रमुख एहसान मनी ने कहा कि भारत क्रिकेटरों के लिए पाकिस्तान से ज्यादा असुरक्षित है. अब पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद (Javed Miandad) ने भी कुछ इसी तरह का बयान देकर आईसीसी से बेतुकी गुजारिश की है.

क्या की गुजारिश
मिंयादाद ने शुक्रवार को कहा कि आईसीसी को दूसरी टीम को असुरक्षित भारत का दौरा करने से रोकना चाहिए. मियांदाद ने पीसीबी प्रमुख अहसान मनी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें मनी ने कहा था कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच दूसरी टीमों को भारत दौरा करने से बचना चाहिए.

क्या कहा मियांदाद ने
मियांदाद ने कहा, “पाकिस्तान नहीं बल्कि भारत असुरक्षित है. यहां पर्यटक असुरक्षित हैं. इंसान होने के नाते हमें इसके खिलाफ खड़ा होना चाहिए और इसका विरोध करना चाहिए. पूरी दुनिया देख रही है कि भारत में क्या हो रहा है. मैं पाकिस्तान की ओर से बात कर रहा हूं और मेरा मानना है कि भारत के साथ सभी तरह के खेल सम्बंध खत्म कर दिए जाने चाहिए. सभी देशों को भारत के खिलाफ कड़ा कदम उठाना चाहिए.”

दस साल बाद हुई टेस्ट सीरीज 
गौरतलब है कि हाल ही में पाकिस्तान में दस साल बाद कोई टेस्ट सीरीज हुई है. इससे पहले पाकिस्तान में क्रिकेट टीमें खेलने से इनकार करती रही हैं.  दस साल पहले श्रीलंका के पाकिस्तान दौरे में टेस्ट मैच के दौरान श्रीलंका खिलाड़ियों पर आतंकी हमला हुआ था. उसके बाद से दुनिया भर की टीमें पाकिस्तान जाने से कतराती रहीं है. पिछले कुछ सालों से यूएई पाकिस्तान के लिए घरेलू मैदान बना हुआ था.

भारत-पाक सीरीज भी नहीं हुई कई सालों से
पाकिस्तान की भारत के साथ साल 2008 के बाद से कोई भी द्वपक्षीय टेस्स सीरीज नहीं हुई है.  लेकिन 2012-13 में पाकिस्तान ने भारत कौ दौरा किया था जिसमें टी20 और वनडे सीरीज खेली गई थी. तब से अब तक दोनों देशों के बीच कोई भी द्वपक्षीय सीरीज नहीं हुई है. दोनों देशों के बीच सीरीज न होने से पाकिस्तान को बहुत नुकसान होता रहा है. पहले से ही संकट में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई पर आरोप लगाता रहा है कि वह पाकिस्तान के साथ भारत कोई सीरीज नहीं होने देना चाहता.

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