January 11, 2021
Homeस्वास्थ्यडिनर में मूंग दाल खाकर इस लड़के ने आसानी से घटाया 22 Kg वजन, कभी मोटापे के चलते पड़ा था हार्ट अटैक
डिनर में मूंग दाल खाकर इस लड़के ने आसानी से घटाया 22 Kg वजन, कभी मोटापे के चलते पड़ा था हार्ट अटैक
गुड़गांव में रहने मृण्मय ने हार्ट अटैक के दौरे के बाद महज 7 महीने में बिना जिम जाए 22 किलोग्राम वजन कम किया। आइए जानते हैं उनके वजन कम करने के सीक्रेट्स (Weight Loss Secrets)
हादसे इंसान की सोच और उसके जिंदगी जीने के तरीके को पूरी तरह बदल कर रख देते हैं। ऐसा ही एक हादसा हुआ था 35 साल के मृण्मय बर्मन के जीवन में, जब इन्हे दिल का दौरा पड़ा था। दौरे की वजह थी बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल और आवश्यकता से अधिक मात्रा में कैलोरीज से भरा भोजन। इतनी कम उम्र में खुद को ऐसी स्थिति में पाने के बाद, मृणमय ने अपनी खराब लाइफस्टाइल को बदलने का फैसला किया और एक साल के भीतर ही रिकॉर्ड तोड़ वजन कम (Weight Loss Secrets) किया।
वजन कम करने की सफलता और उसके राज उन्होंने हमारे साथ साझा किए हैं। आइए जानते हैं इनके वजन कम करने के राज (Weight Loss Secrets)। क्या पता इनके द्वारा अपनाए कुछ तरीके आपके भी काम आ जाएं?
- नाम – मृण्मय बर्मन
- काम – नौकरी
- उम्र -35 साल
- लंबाई- 5 फीट 5 इंच
- शहर – गुरुग्राम
- सर्जरी के समय वजन – 85 किलोग्राम
- वेट लॉस – 22 किलोग्राम 7 महीने में ऐसे मिली वजन कम करने की वजह
यह बात पिछले साल यानी 2020 में मार्च महीने की है। हार्ट अटैक आने की वजह से मृण्मय गहरे सदमे में थे। सर्जरी के दौरान जब डॉक्टर को मृण्मय की उम्र पता चली तो वह भी हैरान रह गए। मृण्मय बताते हैं कि उनका वजन भले ही अधिक था, लेकिन वह अक्सर बैडमिंटन खेला करते थे। जब सर्जरी में दो स्टंट लगे तो उन्हे एहसास हुआ कि यह कुछ भी अचानक नहीं हुआ है। हार्ट अटैक उनकी ओवर इटिंग और खराब जीवनशैली के कारण हुआ है। इसके बाद मृण्मय ने अपनी जिंदगी बदलने का फैसला किया
वजन कम करने का डाइट है सीक्रेट
- नाश्ता – सुबह 8:30 बजे, नाश्ते में वह ओट्स, बादाम, उपमा, पोहा, दो इडली और फैट फ्री दही का सेवन करते हैं।
- लंच – 1:30 बजे। 2-3 रोटियाँ, मूंग दाल और चावल, इसके अलावा लो कार्ब्स वेजिटेबल और 100 ग्राम चिकन या फिश
- डिनर – 9 बजे। मूंग दाल और स्किम्ड दूध ( दूध में से मलाई और फैट निकालने के बाद जो भाग बचता है उसे स्किम्ड दूध कहते हैं)
- एक्सरसाइज से एक घंटे पहले – 2 डाइजेस्टिव बिस्किट और बिना चीनी के चाय।
- एक्सरसाइज के बाद – एक कप ग्रीन टी
- चीट डे पर – चिकन मोमोज, पूरी या पराठें जो घर पर बनाए गए हों।
इन सब के अलावा अपने वजन कम करने के पीछे की वजह मृण्मय अपनी पत्नी को भी मानते हैं। वह बताते हैं कि उनकी पत्नी ओट्स बेहद स्वादिष्ट और हेल्थी तरह से बनाती हैं।
बस पैदल चलें और फर्क दिखेगा
एक्सरसाइज करने के लिए आपको जिम जाकर कसरत करना जरूरी नहीं है। आप भी मृण्मय का एक्सरासाइज रुटीन फॉलो कर सकते हैं। उन्होंने शुरूआत पैदल चलने से की। शुरूआती समय में उन्होने एक घंटे में 6000 कदम चलने का लक्ष्य तय किया। इसके बाद उन्होनें इसे बढ़ा कर 1:50 घंटे में 10000 कदम तक पंहुचा दिया। इसके अलावा 10 मिनट की हल्की फुल्की एक्सरसाइज भी की।
कम खाएंगे तो ज्यादा जिएंगे का सिद्धांत
वजन कम करने का सिद्धांत सीधा है आप जितनी कैलोरीज लेते हैं, उसमें से कितनी जला पाते हैं। मृण्मय ने भी इसी सिद्धांत को फॉलो किया और बताया कि, वह बंगाल से हैं और वंहा एक कहावत है। कहावत कहती है कि अगर आप अभी कम खाते हैं तो आप अधिक समय तक खाते रहेंगे। लेकिन अगर आप अभी अधिक खाते हैं तो हो सकता है कि आप कुछ समय बाद खाने के लिए रहे हीं ना। वह इस बात को हमेशा याद रखते हैं। वह इस बात का खास ख्याल रखते हैं कि वह कितनी कैलोरीज ले रहे हैं और क्या खा रहे हैं।
परिणाम प्रेरित करते हैं
मृण्मय कहते हैं कि अब वजन कम करना और परहेज करना मजेदार हो गया है। वह हर 10 दिन में अपना वजन जांचते हैं और उसका कम होते रहना ही उनके प्रेरणा का एकमात्र श्रोत हैं। वजन कम करने में आप मानसिक तौर पर कितने तैयार है यह बात भी बहुत हद तक निर्भर करती है। लेकिन वह कहते हैं कि आप केवल 60 मिनट से शुरू करें और चीजों को दोहराते रहें।
खुद के लिए लक्ष्य किए तय
मृण्मय की माने तो उनके लिए सबसे मुश्किल था अपने आलस को खत्म करना। वह बताते हैं कि आलस आपके जीवन को बुरी तरह प्रभावित करता है। लेकिन वह अपने लक्ष्य निर्धारित कर चुके थे। अब मृण्मय का वजन 63 किलोग्राम है और वह इसे 60 पर लाना चाहते हैं। इसके अलावा वह इसी वजन को हमेशा बरकरार रखना चाहते हैं। 40 की उम्र तक वह अपने शरीर को सख्त बनाना चाहते हैं। इसके लिए वह 60 मिनट एक्सरसाइज और 8 घंटे की नींद जरूर लेते हैं।
अति होने पर ही आता है बदलाव
हमारे हीरो मानते हैं कि 15 मार्च 2020 को मुझे लगा कि मेरा अंत होने वाला है। फिर मुझे एहसास हुआ कि जो कुछ भी मैं मस्ती के तौर पर करता था वह असल में मुझे अंदर से मार रहा था। लेकिन हर व्यक्ति अपनी या दूसरों की गलती से कुछ ना कुछ सीखता है। ऐसे में मायने यह रखता है कि आप फिर से खड़े हो और लड़ कर जीते। इसी बात ने हमारे हीरो को भी मजबूत बनाया।
Related Posts

अपोलो सर्वश्रेष्ठ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल से सम्मानित

Black fungus : ब्लैक फंगस से बचाव के लिए मुंह की साफ-सफाई पर दें कड़ाई से ध्यान, एक्सपर्ट ने बताए ये 3 टिप्स
