दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे साफ-सफाई में अग्रणी

बिलासपुर. दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे बिलासपुर ने स्वच्छता के लिए हर स्तर पर अलग अलग विभागों को लेकर कार्यक्रम तैयार कर इस पर निरंतर कर रही है । दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे बिलासपुर जोन के तीनो मंडल बिलासपुर,रायपुर एवं नागपुर मंडल के अंतर्गत सभी रेल्वे स्टेशनों, प्लेटफार्मों, परिसरों, कालोनीयों सहित सभी रेलवे क्षेत्र को स्वच्छ रखने का कार्य बड़ी गंभीरता के साथ किया जा रहा है । जिसके फलस्वरूप क्वालिटी काऊंसिल ऑफ़ इंडिया के द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को भारतीय रेलवे में एक स्वच्छतम रेलवे की रूप में चिन्हित किया गया है | दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में स्वच्छता के कार्य कई आयामों पर की जाती है इसके तहत वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के कुल 283 स्टेशनों में साफ़ सफाई की काफी फुखता व्यवस्था  की गयी है ।
1. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 36 स्टेशनों पर मैकेनाइजड क्लीनिंग से कार्य किया जा रहा है ।
2. 115 स्टेशनों पर मैनुअल क्लीनिंग की व्यवस्था चल रही है जिसके तहत स्टेशनों में संविदा सफाई कर्मियों द्वारा सफाई की जा रही है |
3. रेलवे के सफाई कर्मियों द्वारा 45 स्टेशनों पर सफाई की जा रही है |
4. 83 स्टेशनो पर पैसेंजर हाल्ट एजेंटों के कर्मचारियों द्वारा सफाई की जा रही है |
इस प्रकार कुल 283 स्टेशनों में साफ़ सफाई की काफी बेहतरीन व्यवस्था की गयी है । जिसे समय समय पर यात्रियों के द्वारा सराहा भी गया है । ट्रेनों में साफ़ सफाई की व्यवस्था के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में विभिन्न आयामो में कार्य संपन्न किये जाते है –
1. मैकेनाइजड क्लीनिंग प्रणाली द्वारा बिलासपुर, दूर्ग, एवं गोंदिया में ट्रेनों की साफ़ सफाई की जाती है ।
2. बिलासपुर एवं रायपुर स्टेशन में क्लीन ट्रेन स्टेशन के तहत इन स्टेशनो से गुजरने वाली सभी ट्रेनों की सफाई मशीनों द्वारा की जाती है तथा ट्रेन के यात्रियों से इससे सम्बंधित फीडबैक भी ली जाती है ।
3. कोचवाशिंग के कार्य भी आटोमेटिक ढंग से बिलासपुर एवं दुर्ग में आटोमेटिक कोच वाशिंग से किये जाने का कार्य बहुत जल्द शुरू करने की योजना है ।
4. बिलासपुर, दुर्ग एवं गोंदिया में रोडेंट एवं पेस्ट कंट्रोल का कार्य किया जाता है जिससे चलती यात्री गाड़ियों में यात्रियों को कीड़े मकोड़ो से राहत मिल सके ।
5. यात्री गाड़ियों में सुचारू रूप से वाटरिंग व्यवस्था करने के लिए बिलासपुर तथा रायपुर स्टेशन में फास्ट वाटरिंग प्रणाली से वाटरिंग की जा  रही है । जिसमे कम समय में वाटरिंग किया जा रहा है ।
6. चलती ट्रेनों में ऑनबोर्ड हाउस कीपिंग प्रणाली के तहत ज़ोन के 22 ट्रेनों में यह व्यवस्था की गयी है तथा इससे सम्बंधित फीडबैक भी यात्रियों से ली जाती है और उनके सुझाव पर अमल किया जाता है ।
7. चलती ट्रेनों में अगर किसी यात्री को सफाई से सम्बंधित किसी प्रकार की परेशानी हो तो इससे सम्बन्धी कोच-मित्र सेवा आरम्भ की गयी है जिससे कोइ भी यात्री 138 से या 9821736069  पर SMS करने की सुविधा प्रदान की गयी है |
इसी प्रकार गाड़ियों में बेडरोल की साफ़ सफाई दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा मैकेनाईज्ड लॉड्री के माध्यम से की जाती है |
• दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा बिलासपुर के मैकेनाईज्ड  लॉड्री की क्षमता बढाकर टन प्रति शिफ्ट से बढ़ाकर तीन टन प्रति शिफ्ट की क्षमता की गयी है जिससे लीनेन साफ सफाई की जाती है |
• रायपुर मंडल के दुर्ग मे अवस्थित मैकेनाईज्ड लॉड्री की क्षमता बढाकर एक टन प्रति शिफ्ट से बढ़ाकर 4 टन प्रति शिफ्ट की क्षमता की गयी है जिससे अधिकतम मात्रा में लीनेन की साफ सफाई की जाती है ।
• दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सभी 22 ट्रेनों में इन्हीं मैकेनाईज्ड लॉड्री से साफ़ धुले हुए लिनन उपलब्ध कराये जा रहें है ।
• दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सभी ट्रेनों के लिए सभी रजाईयों की धुलाई प्रति माह की जाती है तथा वातानुकूलित प्रथम श्रेणी में कवर युक्त रजाई भी उपलब्ध कराई जाती है ।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा विभिन्न स्टेशनों पर कुल 817 टॉयलेट एवं 974 यूरीनल उपलब्ध कराए गए ।  इसी प्रकार 147 स्टेशनों के सर्क्युलेटिंग एरिया में शौचालय के लिए SECL के साथ MOU हस्ताक्षर किया गया है, जिस पर कार्रवाही की जा रही है ।  इसके साथ ही दक्षिण पुर्व मध्य रेलवे में प्रोजेक्ट उत्कृष्ट तहत सभी ट्रेनों में बायो टॉयलेट लगाए गए ताकि फर्श सूखा रहे । ट्रेनों के टॉयलेट में EPOXY Flooring की जा रही है | ट्रेनों के सभी लाइट को LED Light में बदलने का कार्य अंतिम चरण पर है | इसके साथ ही साथ ट्रेनों के टॉयलेट को गंदा होने से रोकने के लिए विनायल रैपिंग भी की जा रही है ।

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