पहले चीन ने दुनिया में फैलाया कोरोना, अब न्यूक्लियर बम से दहलाना चाहता है धरती
नई दिल्ली. दुनिया कोरोना से त्राहि-त्राहि कर रही है. 2 लाख 79 हजार से ज्यादा लोग इस वायरस के कहर से जान गंवा चुके हैं लेकिन इस महासंकट के दौर में भी चीन अपनी बारूदी साजिश से बाज नहीं आ रहा है. चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के एडिटर ने कहा है कि चीन को अमेरिका की चुनौती का सामना करने के लिए अपने जखीरे में 1000 परमाणु बम तैयार रखना चाहिए. सवाल है कि आखिर ड्रैगन का मंसूबा क्या है. चीन महाप्रलय के एक हजार हथियार क्यों हासिल करना चाहता है.
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका चीन की घेराबंदी की कोशिश कर रहा है, इसलिए अमेरिका को जवाब देने के लिए चीन को अपनी सैन्य शक्ति बढ़ानी चाहिए. रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन को अपने फौजी जखीरे में एच 20 स्टील्थ बॉम्बर को शामिल करना चाहिए। इसके साथ ही चीन के पास 100 डीएफ 41 स्ट्रैटेजिक मिसाइलें भी होनी चाहिए. सवाल है कि चीन ये हथियार आत्मरक्षा के लिए चाहता है या दुनिया पर धौंस जमाने के लिए.
कोरोना काल में भी चीन अपनी विस्तारवादी नीति से पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है. दुनिया में फिलहाल एकमात्र सुपरपावर है, और वो है अमेरिका. चीन को एहसास है कि उसके मंसूबे तभी पूरे हो सकते हैं जब वो आर्थिक और रणनीतिक दोनों मोर्चों पर अमेरिका से ज्यादा ताकतवर साबित होगा. इसलिए दुनिया पर छाए महासंकट के समय में भी चीन सुपरपावर को चुनौती देने का प्लान बना रहा है. इसका एक संकेत चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट से मिलता है. इसमें कहा गया है कि विशेषज्ञों के मुताबिक चीन को अमेरिका से मिल रही रणनीतिक चुनौतियों के लिए अपने परमाणु हथियार बढ़ाने चाहिए। चीन को एच 20 स्टील्थ बॉम्बर हासिल करने की जरूरत है. इसके साथ ही चीन के आयुध भंडार को ऐसी बैलिस्टिक मिसाइलों से भी लैस होना चाहिए जो JL-3 सब-मरीन से लॉन्च हो सकती हों.
अपनी हथियारों की भूख को दुनिया की नजरों में सही साबित करने के लिए चीन लगातार अमेरिका पर उंगली उठाता रहा है. इस बार भी ड्रैगन ने ऐसा ही किया है. चीन ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वो साउथ चाइना सी, ईस्ट चाइना सी और ताइवान स्ट्रेट में अपनी सैन्य हलचल कर चीन पर दबाव बना रहा है. चीन ने कहा कि अमेरिका ने इन इलाकों में अपने युद्धपोत और फाइटर जेट भेजे हैं.
साउथ चाइना सी में अमेरिका और चीन के बीच तनातनी की खबरें नई नहीं हैं. खबरों के मुताबिक अमेरिका ने साउथ चाइना सी में चीन के फौजी दखल पर अंकुश लगाने के लिए वहां टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें तैनात कर सकता है. इसके अलावा, बताया जाता है कि अमेरिका ने इस क्षेत्र में तीन बार अपना 1बी स्ट्रैटेजिक बॉम्बर जेट भी भेजा है. इतना ही नहीं, अमेरिका के एटमी पावर से लैस एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसए थियोडोर रूजवेल्ट ने करीब दो महीने पहले15 मार्च को साउथ चाइना सी में अभ्यास किया है.
चीन के सरकारी ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट में अमेरिका पर आरोप लगाया गया है कि वो कम ताकत वाले परमाणु हथियारों के विकास की हिमायत कर रहा है और ऐसे में चीन के रक्षा विशेषज्ञों ने अपनी सरकार को सलाह दी है कि वो चीन के परमाणु हथियार भंडार की क्षमता बढ़ाए.