भनवारटंक-खोडरी स्टेशन के मध्य रेल लाइन पर गिरे बोल्डरों को त्वरित कार्य करते हुए अल्प समय में हटाया गया

बिलासपुर. बीते कुछ दिनों में खोडरी एवं खोंगसरा स्टेशनों के बीच रेल लाइन पर बोल्डर गिरने की घटनाएँ घटित हुई जिसको रेल कर्मचारियों द्वारा सजगता एवं सतर्कता के साथ समय पर सूचना एवं कार्य करते हुए इस रेल लाइन पर त्वरित गति से परिचालन व्यवस्था बहाल की गई ।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के कुछ रेल खंड, जो कि चट्टान गिरने एवं भूस्खलन के लिए संवेदनशील माने जाते है, में रेल लाइन पर पत्थर गिरने की घटनाएँ यदा कदा घटित होते रहती है । इन खंडो में खोडरी-खोंगसरा एवं बिजुरी-बोरीडांड का नाम विशेष रूप से आता है जहां पर रेल लाइनों में पत्थर गिरने की घटनाएँ होती है । रेलवे के द्वारा ऐसी घटनाओं को रोकने हेतु उपाय भी किए जाते है, जिसमे स्लोप प्रोटेक्सन का कार्य महत्वपूर्ण है । स्लोप प्रोटेक्सन के अंतर्गत पत्थर गिरने की घटना के लिए संवेदनशील जगहो पर लोहे की जालियाँ तथा बोल्डर एवं पत्थरों को जमाकर पीचिंग आदि के कार्य किए जाते है । इस वर्ष अभी 5 दिनों में खोडरी क्षेत्र में 2200 मिलीमीटर से भी अधिक वर्षा दर्ज की गई जबकि पिछले वर्ष यह 1400 मिलीमीटर थी । इन सब प्राकृतिक कारणो के कारण  इस खंड में एक से अधिक बार बोल्डर गिरने की घटना घटित हो रही है ।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के संरक्षा कोटि के कर्मचारियों द्वारा संरक्षा एवं सुरक्षा संबंधित कार्यों का बेहतर निष्पादन किया जा रहा है । हर समय चाहे बारिश हो या रात हो सभी कर्मचारियों द्वारा अपने कार्यों को सजगता एवं सतर्कता के साथ समर्पण भाव से किया जा रहा है । इसी संदर्भ में ट्रैकमेन अवधेश कुमार, निवास राव, भुवनेश्वर कुमार एवं रामकृष्ण द्वारा सजगता एवं सतर्कता के साथ कार्य करते हुए पेट्रालिंग के दौरान रात 10.10 बजे तथा ट्रैकमेन कामेश्वर अनंत द्वारा आज प्रातः 09.30 बजे भनवारटांक-खोडरी के मध्य बोल्डर गिरने की घटना की त्वरित जानकारी संबंधित स्टेशन मास्टर को दी गई । इस पर त्वरित कार्रवाई की गई तथा घटना स्थल पर गिरे हुए बोल्डरों को बहुत ही अल्प समय में लाइन से हटाकर कुछ घंटो में ही गाडियों का परिचालन प्रारंभ किया गया ।

रेल प्रशासन के द्वारा इन खंडो पर गिरे बोल्डर को हटाने और कम समय में रेल परिचालन दुरुस्त करने में पुरी प्लानिंग के साथ कार्य किया गया, जिसमें खोडरी स्टेशन पर खड़ी आरवीएमवी मशीन तथा खोंगसरा स्टेशन पर खड़ी यूटीवी मशीनों का उपयोग किया गया । ये मशीने सेक्शन पर रेल, पटरियाँ एवं अन्य भारी सामानो को उठाने के उपयोग में लाई जाती है । इसके साथ ही साथ मौके पर कार्य करने के लिए 100 से अधिक लेबर भी मौजूद थे । इन घटनाओ के दौरान वरिष्ट अधिकारीगण भी मौके पर मौजूद रहे साथ ही साथ महाप्रबंधक जी के द्वारा भी लगातार जायजा लेकर उच्चतम लेवल पर इन घटनाओ की मानीटरिंग की जा रही है । इसके अतिरिक्त इन घटनाओ के समय सजगता एवं सतर्कता के साथ इसकी सूचना देने वाले कर्मियों को भी पुरस्कृत करने की कार्रवाई की जा रही है ।

वर्तमान में इस खंड पर रेल लाइनों का परिचालन अबाध रूप से की जा रही है । बोल्डर गिरने की घटनाओ के दौरान सुधार कार्य को पूरा करने के दौरान कुछ गाडियों का परिचालन भी प्रभावित हुआ जिसकी जानकारी इस प्रकार है –

1. गाडी संख्या 12853 दुर्ग-भोपाल अमरकंटक एक्सप्रेस को खोंगसरा स्टेशन में 22.38 से 03.37 बजे तक नियंत्रित की गई ।

2. गाडी संख्या 18201 दुर्ग-नवतनवा एक्सप्रेस को बेलगहना स्टेशन में 23.45 से 03.39 बजे तक नियंत्रित की गई ।

3. गाडी संख्या 15160 दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस को करगीरोड स्टेशन में 00.16 से 03.41 बजे तक नियंत्रित की गई।
4. गाडी संख्या 18241 दुर्ग-अम्बिकापुर एक्सप्रेस को उसलापुर स्टेशन में 00.08 से 03.40 बजे तक नियंत्रित की गई।
5. गाडी संख्या 18236 बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस को खोंगसरा स्टेशन में 21.58 से 04.01 बजे तक नियंत्रित की गई।
6. गाडी संख्या 12854 भोपाल-दुर्ग अमरकंटक एक्सप्रेस को अनूपपुर स्टेशन में 02.45 से 03.50 बजे तक नियंत्रित की गई।
7. गाडी संख्या 15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस को रायपुर मंडल में नियंत्रित की गई।
8. गाडी संख्या 58219 बिलासपुर-चिरमिरी पैसेंजर को सलकोरोड में 12.13 बजे से 03.36 बजे तक नियंत्रित की गई।
9. गाडी संख्या 58220 चिरमिरी-बिलासपुर पैसेंजर को अनूपपुर में 23.50 बजे से 04.02 बजे तक नियंत्रित की गई।

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