महाभियोग जांच की प्राथमिक रिपोर्ट में डोनाल्ड ट्रंप दोषी करार, राष्ट्रहित से किया समझौता

न्यूयॉर्क. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के खिलाफ चल रही महाभियोग (Impechment) जांच की प्राथामिक रिपोर्ट आ गई है. इस रिपोर्ट में डोनाल्ड ट्रंप को दोषी पाया गया है. ऐसा बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप ने राष्ट्रहित से समझौता किया है. बता दें कि आज ट्रंप के खिलाफ हाउस ज्यूडिशरी कमेटी की पहली महाभियोग जांच रिपोर्ट आई है. इससे पहले व्हाइट हाउस ने हाउस ज्यूडिशरी कमेटी को सूचित कर दिया था कि वह बुधवार (4 दिसंबर) को प्रस्तावित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ समिति के पहली महाभियोग जांच में शामिल नहीं होगा.

व्हाइट हाउस के वकील पैट किपोलोने ने हाउस ज्यूडिशरी कमेटी के अध्यक्ष जैरी नाडलर को लिखे अपने पांच पन्नों के पत्र में रविवार को कहा, ‘हम उस सुनवाई में भाग लेना उचित नहीं समझते हैं, जिसके गवाहों के नाम अभी भी जाहिर किए जाने हैं और यह अभी तक अस्पष्ट बना हुआ है कि क्या न्यायिक समिति अतिरिक्त सुनवाई के जरिए राष्ट्रपति के मामले की निष्पक्ष सुनवाई कर पाएगी.’

व्हाइट हाउस ने कहा था, ‘सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है कि कानून के प्रोफेसरों के साथ एक अकादमिक वार्ता के लिए निमंत्रण देने मात्र से राष्ट्रपति के खिलाफ सही जांच की कोई झलक नहीं दिखती है.’ किपोलेने ने कहा, ‘इसी तरह मौजूदा परिस्थितियों के तहत, हम आपके बुधवार की सुनवाई में भाग नहीं लेना चाहते हैं.’ नाडलर्स समिति बुधवार को सुनवाई आयोजित करेगी, जिसका शीर्षक ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप को लेकर महाभियोग जांच : राष्ट्रपति के महाभियोग के लिए संवैधानिक आधार’ है.

अपने पत्र में किपोलोने ने न्यूयॉर्क डेमोक्रेट नाडलर पर जानबूझकर सुनवाई की तारीख ऐसे समय तय करने का आरोप लगाया, जब नाटो सम्मेलन के लिए ट्रंप लंदन के दौरे पर होंगे. ट्रंप ने भी एक ट्वीट में इस सुनवाई को लेकर सवाल उठाए थे और डेमोक्रेट्स पर देश हित के साथ समझौता करने का आरोप लगाया था.

ट्रंप पर लगाया है यह आरोप
अप्रैल 2019 में डेमोक्रेट सीनेटर एलिजाबेथ वारेन (Elizabeth Warren) ने अमेरिका की प्रतिनिधि सभा से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करने की अपील की थी. उन्होंने चुनाव में रूसी हस्तक्षेप की जांच के नतीजों का हवाला देते हुए यह अपील की थी. 

विशेष अधिवक्ता रॉबर्ट मूलर की 22 महीने की जांच के नतीजों की संशोधित रिपोर्ट जारी होने के एक दिन बाद उन्होंने यह अपील की है. 400 पृष्ठों से अधिक के दस्तावेज में कहा गया है कि ट्रंप के चुनाव प्रचार अभियान की रूस की हस्तक्षेप की कोशिशों के साथ मिलीभगत नहीं थी लेकिन उसने पाया कि राष्ट्रपति रूस के हथकंडों से फायदा पाकर खुश थे और उन्होंने लगातार मूलर की जांच को बाधित करने की कोशिश की. वारेन ने कहा था, ‘‘इसका मतलब है कि संसद को अमेरिका के राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करनी चाहिए.’’ 

डोनाल्ड ट्रंप ने महाभियोग जांच को जबरन निशाना बनाया जाने वाला बताया
27 नवंबर की खबर के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डोमोक्रेट नेताओं की आलोचना की थी और फ्लोरिडा के सनराइज में एक चुनाव अभियान रैली के दौरान अपने खिलाफ महाभियोग जांच को उन्हें जबरन निशाना बनाया जाना कहकर इसकी निंदा की थी. समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, ट्रंप ने सनराइज के खचाखच भरे बीबीएंडटी सेंटर में समर्थकों से मुलाकात के दौरान यह टिप्पणी की, जो लगभग 20,000 लोगों के बैठने की क्षमता वाला है.

ट्रंप ने मौजूद लोगों का अभिवादन करते हुए कहा, ‘अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है, वेतन बढ़ रहा है, अपराधों में कमी आ रही है, गरीबी कम हो रही है, आत्मविश्वास बढ़ रहा है और अमेरिका पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है.’

पिछली रैलियों की तरह, उन्होंने कुछ आर्थिक सूचक, सैन्य खर्च और मेक्सिको की दीवार सहित अपने प्रशासन की उपलब्धियों का जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘दीवार पर काम हो रहा है. यह तेजी से बन रही है और यह एक असली दीवार है.’ इस मौके पर उन्होंने अपने प्रशासन की तारीफ करते हुए आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट के सरगना अबू बक्र अल-बगदादी के मारे जाने का भी जिक्र किया.

ट्रंप ने जोर देते हुए कहा कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ उनकी फोन कॉल ‘एक बेहतरीन फोन कॉल थी.’ उन्होंने कहा कि जेलेंस्की ने कहा है कि उन पर कोई दबाव नहीं डाला गया. ट्रंप ने कहा कि डेमोक्रेट नेता देश को बांटने की कोशिश कर रहे हैं. ट्रंप ने कहा था, ‘वे (डेमोक्रेट्स) महाभियोग के जरिए जबरन निशाना बना रहे हैं और काफी बुरी चीजें उनके साथ हो रही हैं. आप देख रहे है कि चुनाव में क्या हो रहा है? हर कोई कह रहा है कि ‘यह सच में बकवास है’.’





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