लॉकडाउन के दौरान बिलासपुर रेल मंडल में एनआईसी ई-ऑफिस का का कार्य पूरा किया गया
बिलासपुर. कोविड-19 के प्रकोप के कारण राष्ट्रव्यापी तालाबंदी (लॉकडाउन) के बावजूद, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (द.पू.मरे) के बिलासपुर रेल मंडल में एनआईसी ई-ऑफिस प्रदान करने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है । यह कार्य रेलटेल के द्वारा पूरा किया गया है इसके साथ ही दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन मुख्यालय और तीनो मंडल कार्यालयों में अब रेलटेल द्वारा लागू एनआईसी ई-ऑफिस सुईट के साथ मैनुअल फाइलों को छोड़कर पेपरलेस वर्ककल्चर को अपना रहे हैं । रेलटेल ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के इन 4 कार्यालयों (जोन मुख्यालय + 3 डिवीजन) में 3797 उपयोगकर्ता तैयार किये हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने के लिए कार्यपालकों को प्रशिक्षित किया है । एनआईसी ई-ऑफिस दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रेलवे अधिकारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दूरस्थ रूप से अपने सभी मैनुअल फ़ाइल कार्य को सँभालने में सहायक सिद्ध हो रहा है ।
रेलटेल ने मार्च, 2019 में, भारतीय रेलों के साथ चरण 1 के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे जिसमे मार्च, 2020 तक कार्य पूरा करने के आदेश थे रेलटेल ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के 6 महीने में ही दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोनल हेडक्वार्टर और रायपुर मंडल का कार्य पूरा कर लिया था । ई-ऑफिस के निष्पादन के चरण 2 के अंतर्गत बिलासपुर एवं नागपुर मंडलों का कार्य समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के 3 महीनों के भीतर पूरा कर लिया है ।
एनआईसी ई-ऑफिस राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा विकसित एक क्लाउड सक्षम सॉफ्टवेयर है जिसे सिकंदराबाद और गुड़गांव में अप टाईम यूएसए द्वारा प्रमाणित रेलटेल के टियर III डेटा केंद्रों से तैनात / होस्ट किया जा रहा है । यह केंद्रीय सचिवालय मैनुअल के ई-ऑफिस प्रोसीजर ( CSMeOP ) पर आधारित है । एनआईसी ई-ऑफिस के कार्यान्वयन का उद्देश्य कागज रहित, अधिककुशल, प्रभावी औरपारदर्शी अंतर-सरकारी और अंत:-सरकारी लेनदेन और प्रक्रियाओं की शुरूआत करना है ।
भारतीय रेलवे के लिए ई-ऑफिस कार्यान्वयन का उद्देश्य कार्यालय फ़ाइलों और दस्तावेजों को संभालने के लिए विश्वसनीय, कुशल और प्रभावी तरीका प्रदान करना है । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 4 कार्यालयों ( मुख्यालय और 3 मंडलों ) में क्रियान्वयन के बाद 984 से अधिक ई फ़ाइलों और 5711 ई – प्राप्तियों को बनाया गया । इसमे पूर्ण पारदर्शिता है क्योंकि फ़ाइल पर लिखी गए किसी भी चीज़ को बदला या पूर्ववत नहीं किया जा सकता है । इसमें एक निगरानीतंत्र है जिससे पता लगाया जा सकता है कि फाइलें कहॉं रुकी हुई (हेल्ड-अप) हैं ।
रेलटेल टीम के द्वारा अधिकांश कार्य दूरस्थ रूप से पूरा किया गया और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण भी प्रदान किया । ई-ऑफिस कार्यप्रणाली लॉक डाउन जैसे समय में वरदान साबित हुआ है और रेलवे का कार्यबल अब घर से भी काम कर सकता है जो मैनुअल फाइलिंग सिस्टम के मामले में असंभव था । रेलटेल ने अब तक संपूर्ण भारतीय रेलों (क्षेत्रीय मुख्यालयों, डिवीजनों, केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों, उत्पादन इकाइयाँ, कार्यशालाओं आदि) में 76,198 उपयोगकर्ता तैयार किये और मैनुअल वर्कमोड की जगह अब तक 1,33,033 फाइलें और 4,67,750 ई- रसीदों का सृजन किया है ।
फाइलों का व्यवस्थित और त्वरित निपटान, लंबित फाइलों की समय पर निगरानी एनआईसी ई-ऑफिस का अन्य तात्कालिक लाभ है । उपरोक्त लाभों के साथ, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागरिको एवं अपने उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए कार्य संस्कृति को बदलदेगा । ई-ऑफिस पेपरलेस संस्कृति को बढ़ावा देता है ई-ऑफिस के क्रियान्वयन से न केवल कागज़ आदि के खर्चो में बचत होगी बल्कि यह कार्बन फुट प्रिंट को भी कम करने में सहयोगी सिद्ध होगा ।