सीएम BS Yeddyurappa ने 24 घंटे में बदले मंत्रियों के विभाग, फिर भी बढ़ा आंतरिक संकट, जानिए कारण
बेंगलुरु. कर्नाटक (Karnataka) के मुख्यमंत्री बी एस येदुयरप्पा (BS Yeddyurappa) ने 24 घंटे के भीतर शुक्रवार को दूसरी बार मंत्रियों के विभागों में फेरबदल (Department Allocation) किया. माना जा रहा है कि उनकी 17 महीने पुरानी सरकार में विभागों के बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही है. जिसके चलते उन्हें मंत्रियों को खुश करने के लिए उनके विभागों में फेरबदल करना पड़ा है.
जेसी मधुस्वामी को हज-वक्फ का अतिरिक्त प्रभार
कर्नाटक (Karnataka) के राज्यपाल वजूभाई वाला की सहमति से शुक्रवार को सरकार ने अधिसूचना जारी करके चिकित्सा शिक्षा मंत्री जेसी मधुस्वामी को कन्नड एवं संस्कृति विभाग के कार्यभार से मुक्त करके हज व वक्फ का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया. जबकि इससे पहले गुरुवार को इस विभाग की जिम्मेदारी केसी नारायण गौड़ा को सौंपी गई थी.
अरविंद लिम्बावली को कन्नड़ एवं संस्कृति विभाग का प्रभार
इसके साथ ही अरविंद लिम्बावली को कन्नड़ एवं संस्कृति विभाग का प्रभार दिया गया है. वे इन नए विभागों के अलावा वन विभाग भी संभालते रहेंगे. अधिसूचना के मुताबिक विधान पार्षद एन. नागराज को गुरुवार को आबकारी विभाग दिया गया था लेकिन अब उन्हें वहां से हटाकर नगर प्रशासन, गन्ना विकास विभाग दिया गया है.
आबकारी विभाग की जिम्मेदारी के. गोपलैया को मिली
मुख्यमंत्री ने अब आबकारी विभाग की जिम्मेदारी के. गोपलैया को दी है. उन्हें गुरुवार को बागवानी विभाग आवंटित किया गया था. अब बागवानी विभाग विधान पार्षद आर शंकर को दिया गया है, जिनसे नगर निकाय प्रशासन वापस लिया गया है. येदियुरप्पा (BS Yeddyurappa) ने योजना, कार्यक्रम,निगरानी एवं सांख्यिकी विभाग की जिम्मेदारी केसी नारायण गौडा को दी है ,जिसका प्रभार उनके पास था. केसी नारायण गौडा युवा सशक्तिकरण और खेल विभाग भी देख रहे हैं.
प्रदेश के मंत्रियों के विभागों में 24 घंटे के भीतर दूसरी बार बदलाव किए जाने के बाद भी खींचतान जारी है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ.के सुधाकर के करीबी सूत्र ने बताया कि वह चिकित्सा विभाग वापस लेने से नाराज हैं. पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुधाकर ने कहा कि वह मंत्रिमंडल में फेरबदल के सिलसिले में मुख्यमंत्री से बात करेंगे. भाजपा सूत्रों ने बताया कि मधुस्वामी भी संसदीय कार्य विभाग को वापस लेने से नाराज हैं. मुख्यमंत्री बी एस येदुयरप्पा (BS Yeddyurappa) ने इसे अधिक तूल नहीं देते हुए कहा कि कुछ नाराजगी की पहले ही उम्मीद थी.