“वन्दे मातरम्” की गूँज से सांस्कृतिक चेतना का संचार
संगीत महाविद्यालय में निबंध लिखो:सम्मान समारोह संपन्न
बिलासपुर. नवीन शासकीय संगीत महाविद्यालय में ‘विश्व हिन्दी परिषद, भारत’ के शैक्षणिक प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ। दो दिवसीय इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों में भाषाई कौशल और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति जागरूकता लाने का सफल प्रयास किया गया।समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ.चन्दना मित्रा द्वारा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्व हिन्दी परिषद छग के मुख्य संयोजक (पूर्व अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति, थावे विद्यापीठ डॉ. विनय कुमार पाठक विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने हिन्दी भाषा के वैश्विक संवर्धन और परिषद के आगामी लक्ष्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथियों के रूप में प्रदेश अध्यक्ष शैक्षणिक प्रकोष्ठ डॉ. संगीता बनाफर ,डॉ.अर्चना मिश्रा तथा उपाध्यक्ष डॉ.आभा गुप्ता ने अपने वक्तव्य दिए।
राष्ट्रीयता और लेखन का संगम कार्यक्रम की श्रृंखला में सर्वप्रथम ‘वन्दे मातरम् की पृष्ठभूमि एवं भारतीय संस्कृति में उसका महत्त्व’ विषय पर एक जिला स्तरीय निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस बौद्धिक स्पर्धा का कुशल संचालन महाविद्यालय की अंग्रेजी विषय की अतिथि व्याख्याता डॉ. रुनझुन पांडेय ने किया।
विद्यार्थियों ने अपने निबंधों के माध्यम से ‘वन्दे मातरम्’ गीत के ऐतिहासिक संघर्ष और भारतीय संस्कृति में इसकी अमिट भूमिका को रेखांकित किया।
प्रतिभाओं का सम्मान प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा के उपरांत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं मेडल भेंटकर सम्मानित किया गया। विजेताओं की सूची इस प्रकार है:-
प्रथम पुरस्कार: रुद्र प्रताप सिंह (बी.पी.ए. द्वितीय सेमेस्टर)
द्वितीय पुरस्कार: प्राची साहू (बी.पी.ए. द्वितीय वर्ष)
तृतीय पुरस्कार: उमिता चौहान (बी.पी.ए. द्वितीय वर्ष)
इस अवसर पर महाविद्यालय के अतिथि व्याख्याता डॉ.राजेश धुर्वे, डॉ.विनीता नापित एवं नेहा पटेल के साथ समस्त स्टॉफ और बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र के प्रति सेवा और भाषा के सम्मान के संकल्प के साथ आभार प्रदर्शन द्वारा किया गया।


