पहले हम कश्‍मीर लेने की बात करते थे, अब मुजफ्फराबाद बचाने का संकट आ गया है : बिलावल

नई दिल्‍ली. जम्‍मू-कश्‍मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर इस मुद्दे को उठाने की पाकिस्‍तान की हर कोशिश नाकाम हुई है. सिर्फ इतना ही नहीं अंतरराष्‍ट्रीय बिरादरी में उसको लगातार शर्मिंदगी भी उठानी पड़ रही है. इस बीच पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अपने मुल्‍क में भी विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं. पाकिस्‍तान पीपुल्‍स पार्टी (पीपीपी) के नेता बिलावल भुट्टो ने इमरान की कश्‍मीर नीति को ‘फेल’ करार दिया है.

बिलावल भुट्टो ने कहा, ”पहले हमारी कश्मीर पर क्या पॉलिसी थी? पहले पाकिस्तान की पॉलिसी थी कि हम श्रीनगर कैसे लेंगे. अब इमरान खान की नाकामी की वजह से, ‘सेलेक्टेड इमरान’ की वजह से, इनके लालच की वजह से पाकिस्तान की ये पोजीशन है कि हम मुज़फ़्फ़राबाद (Pok) को कैसे बचाएंगे. ये आज पाकिस्तान की विदेश नीति की हालत है.”

उल्‍लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर(Jammu Kashmir) से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान बौखला गया है. भारतीय संसद की ओर से उठाए गए कदम पर बौखलाए पाकिस्तान (Pakistan) की भले ही दुनिया भर में फजीहत हो रही है. लेकिन उनके नेताओं पर इस बात का कोई फर्क पड़ता नजर नहीं आ रहा है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान तो अपने देश की जनता को अलग ही राग पढ़ा रहे हैं.  ‘अपने मुंह मियां मिट्ठू’ बने इमरान खान ने सोमवार को दावा किया कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू एवं कश्मीर के विशेष दर्जे को रद्द कर ऐतिहासिक गलती की है और ऐसा करके उन्होंने कश्मीर की ‘आजादी’ का रास्ता खोल दिया है.

खान ने कहा, “हमने कूटनीतिक मोर्चे पर जीत हासिल की है. 
तमाम प्रयासों के बावजूद कश्मीर मुद्दे पर दुनियाभर के दरवाजे बंद होने के बाद खान ने कश्मीर मुद्दे पर देश को संबोधित करते हुए राजनयिक मोर्चे पर जीत का दावा किया. खान ने कहा, “हमने कूटनीतिक मोर्चे पर जीत हासिल की है. हमने कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्‍ट्रीयकरण किया. दूतावासों और राष्ट्र प्रमुखों से बात की गई. कश्मीर मुद्दे पर 1965 के बाद पहली बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक सत्र बुलाया. लेकिन इन सब दावों की पोल उस वक्‍त खुल गई जब सोमवार को पीएम मोदी की अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप से मुलाकात हुई और उसमें भारत ने स्‍पष्‍ट रूप से कह दिया कि भारत और पाकिस्‍तान के बीच सारे मसले द्विपक्षीय हैं. ट्रंप ने भी भारतीय पक्ष से सहमति जताई.


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