सुरंगों के जरिए भारत में आतंकी भेज रहा पाकिस्तान, ड्रोन से गिरा रहा हथियार


जम्मू. भारत (India) में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान (Pakistan) भूमिगत सुरंगों (Cross-border Underground Tunnels) का इस्तेमाल कर रहा है. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश का खुलासा किया है. पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह (Director-General of Police Dilbag Singh) ने कहा कि पाक आतंकवादियों को भारत भेजने के लिए सीमा पार बनाई गईं सुरंग इस्तेमाल कर रहा है और ड्रोन के जरिए उन आतंकियों को हथियार पहुंचाए जा रहे हैं.

सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि घुसपैठ रोधी ग्रिड सक्रिय है और पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को नाकाम करने के लिए सुरंग रोधी अभियान जारी है. संबा जिले के गालर गांव में हाल ही में खोजी गई 170 मीटर लंबी सुरंग का निरीक्षण करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरंग खोदकर पाकिस्तान भारत में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ाना चाहता है, लेकिन हम उसके मंसूबों को नाकाम करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

20-25 फीट गहरी सुरंग
पाकिस्तान से निकलने वाली इस 20-25 फीट गहरी इस सुरंग का पता BSF ने 28 अगस्त को लगाया था.  डीजीपी ने कहा कि यह सुरंग 2013-14 में चनारी में पाई गई सुरंग जैसी है. नगरोटा एनकाउंटर के बाद हमें इनपुट मिले थे कि सुरंग के रास्ते घुसपैठ हुई थी और उसकी तलाश की जा रही थी. गौरतलब है कि इस साल जनवरी में नगरोटा में हुई मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के तीन आतंकवादी मारे गए थे.

संयुक्त अभियान जारी
सिंह ने कहा कि हम जांच कर रहे हैं, लेकिन शुरुआती संकेतों से यह पता चलता है कि पाकिस्तान द्वारा पहले भी आतंकियों को भारत भेजने के लिए इस सुरंग का इस्तेमाल किया गया था. उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की और भी सुरंगों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. बीएसएफ और पुलिस के जवान संभावित सुरंगों का पता लगाने के लिए अभियान चला रहे हैं.

एयरड्रॉप किए गए हथियार
काजीगुंड के पास कश्मीर से एक ट्रक से जब्त की गईं एम-16 राइफल सहित कई आधुनिक हथियारों पर उन्होंने कहा कि जांच चल रही है और ऐसा लगता है कि सांबा सेक्टर में ड्रोन का उपयोग करके हथियारों को एयरड्रॉप किया गया था. उन्होंने बताया कि ट्रक में हथियार ले जा रहे जैश के आतंकियों ने उस जगह की पहचान की है, जहां से उन्होंने दक्षिण कश्मीर में सक्रिय आतंकवादियों तक पहुंचाने के लिए हथियारों की खेप उठाई थी.

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