AAP नेता राघव चड्ढा का आरोप, CM अमरिंदर सिंह कर रहे हैं ‘BJP एजेंट’ की तरह बर्ताव


चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी (आप) के नेता राघव चड्ढा ने शनिवार (9 जनवरी) को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर ‘भाजपा के एजेंट’ की भांति बर्ताव करने का आरोप लगाया और उन्हें ‘आधिकारिक रूप से भगवा पार्टी में शामिल हो जाने’ की सलाह दी. चड्ढा ने यह आरोप भी लगाया कि पंजाब के मुख्यमंत्री ‘असहाय’ हैं और ईडी की जांच से जूझ रहे अपने बेटे को ‘बचाने’ के लिए केंद्र को ‘तुष्ट करने के लिए बाध्य हैं.’’

AAP नेता ने ने अमरिंदर को बीजेपी में शामिल होने की सलाह
आप नेता ने दावा किया कि अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार केंद्र द्वारा तीन विवादास्पद कृषि अध्यादेशों पर बनायी गयी उच्चाधिकार समिति का हिस्सा थी और इसी समिति ने उसे अपनी मंजूरी दी थी. उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘पंजाब के मुख्यमंत्री भाजपा एजेंट की तरह बर्ताव कर रहे हैं. मुख्यमंत्री को मेरी बिन मांगी सलाह है कि आप औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो जाइए. आपको मेरी सलाह है कि आप आधिकारिक रूप से भाजपा से जुड़ जाइए. तब ईडी, सीबीआई की जांच से गुजर रहे आपके रिश्तेदारों के खिलाफ सारे मामले दफन कर दिये जाएंगे.’’

राघव चड्डा ने कहा, सिंह ने शाह से मुलाकात की पर किसानों से नहीं
उन्होंने कहा, ‘‘ और तब आप भी भाजपा के लिए खुलकर काम कर सकते हैं.’’ चड्ढा ने कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बजाय राष्ट्रपति से संपर्क करने को लेकर मुख्यमंत्री की आलोचना की. उन्होंने कहा कि सिंह केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिले लेकिन प्रदर्शनकारी किसानों से मिलने के वास्ते महज कुछ किलोमीटर जाने की जरूरत नहीं समझी. उन्होंने कहा कि (पंजाब की) कांग्रेस सरकार ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के निर्णय का विरोध किया जिसने कहा था कि गुरू तेग बहादुर की 400 वीं जयंती समारोह के लिए शीर्ष गुरुद्वारा प्रधानमंत्री को न्योता नहीं भेजेगा.

चड्डा के बयान को कांग्रेस नेता रंधाना ने बताया ‘दुर्भाग्यपूर्ण’
आप नेता ने कहा, ‘‘ कैप्टन साहब, उनके मंत्री और उनकी पार्टी एसजीपीसी के निर्णय का विरोध कर रही है और कह रही है कि मोदी को निमंत्रित किया जाए. यह साबित करता है कि कैप्टन साहब भाजपा एजेंट के रूप में बर्ताव कर रहे हैं.’’ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने आप नेता के इस बयान को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया. उन्होंने कहा, ‘‘राजनीति को धर्म से जुड़े मामलों से दूर रखा जाना चाहिए. भाजपा की बी टीम को भगवा पार्टी के खिलाफ विरोध को लेकर कांग्रेसजन को प्रमाणपत्र बांटने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राजनीतिक गलियारे में सदैव भाजपा का विरोध किया है जबकि आम आदमी पार्टी ने सदैव भाजपा की बी टीम की तरह काम किया है.

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