B’day Special: कनाडा के वो क्रिकेटर जिन्होंने वर्ल्ड कप में बनाया था बेहद तेज शतक
नई दिल्ली. वर्ल्ड कप क्रिकेट का नाम सुनते ही हमारे जेहन में अकसर कुछ बेहतरीन खिलाड़ियों के नाम आते हैं, ये ज्यादातर ऐसी टीम्स से होते हैं जिन्हें तकनीकी रूप से मजबूत या कामयाब समझा जाता है. लेकिन कई बार ऐसे भी मौके आए हैं जब किसी कमजोर टीम, या फिर एक अंजान खिलाड़ी ने वो कमाल कर दिखाया है, जिसकी उम्मीद किसी क्रिकेट चाहने वालों ने नहीं की थी. कुछ मौकों पर अंडरडॉग टीम ने ट्रॉफी के दावेदारों को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखाया है, तो कई नए खिलाड़ियों ने विपक्षी टीम को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था.
वर्ल्ड कप का इतिहास ऐसे तमाम किस्सों से भरा हुआ है. ऐसा ही एक वक्या साल 2003 के आईसीसी वर्ल्ड कप में देखने को मिला था. कनाडा की टीम की तरफ से जॉन डेविसन (John Davison) नाम के खिलाड़ी ने मजबूत वेस्टइंडीज के खिलाफ महज 67 गेंदों में शतक लगाया था. इस पारी के बाद क्रिकेट जगत में जैसे तहलका मच गया था, इसकी वजह थी कि ये वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे तेज शतक था. भले ही कनाडाई टीम दक्षिण अफ्रीका में हुए वर्ल्ड कप के लीग स्टेज को पार नहीं कर पाई, लेकिन डेविसन ने इस पारी के जरिए खुद को इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज कर लिया. ये खिलाड़ी आज अपना 50वां जन्मदिन मना रहे हैं. हालांकि अगले ही वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन ने डेविसन का रिकॉर्ड तोड़ दिया और फिर साल 2011 के वर्ल्ड कप में आयरलैंड के केविन ओ ब्रायन ने महज 50 गेंदों में शतक लगातर सभी को पीछे छोड़ दिया. जॉन डेविसन ने साल 2007 के वर्ल्ड कप में कनाडा की टीम के कप्तानी की और फिर 2011 में वो वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में आखिरी बार नजर आए. साल 2013-14 की एशेज सीरीज के दौरान डेविसन ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के स्पिन कोच की भूमिका निभाई थी.