आधुनिक जीवनशैली के बीच महिला स्वतंत्रता का खुब नारा लगाया जाता है। आज के दौर में यह स्वतंत्रता की बातें जायज भी है। लेकिन स्वतंत्रता मे अनुशासन भी अति आवश्यक है । अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर उक्त विचार कु.मणि माधुरी ने व्यक्त किया । लोक सेवा आयोग के परीक्षा की तैयारी कर रही कु. मणि
हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाते हैं इसके माध्यम से हमारा लक्ष्य रहता है महिलाओं को सशक्त और सुदृढ़ बनाना। महिलाओं को उनके पूरे शक्ति और मानव अधिकारों के भरपूर इस्तेमाल करने की आजादी देना, ताकि वे जो हैं हो सकें। जिसका वे हकदार हैं वे भी पुरुषों की
28 फरवरी को इसरो के प्रक्षेपण केंद्र से जो उपग्रह लांच किया गया है, उसमे नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी भेजने का नमूना पेश करके इस बार तो प्रधानमंत्री की आत्ममुग्धता ने “आकाश ही सीमा है” के मुहावरे को भी पीछे छोड़ दिया। सारी सीमाओं को लांघ कर उसे सीधे अंतरिक्ष में पहुँचा दिया। अब
समाजसेवी और राजनीतिक विश्लेषक प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने विगत कुछ समय से चल रहे किसान आंदोलन के मद्देनजर मीडिया के माध्यम से कहा है कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और अगर इस देश में किसानों को ही अपने अधिकारों के लिए आंदोलित होना पड़े तो इससे चिंताजनक कुछ भी नहीं हो सकता है। जिस
लोकतंत्र का पावन पर्व, गणतंत्रता दिवस सारे पर्व से अद्वितीय और दूसरा सबसे बड़ा पर्व है। जिसप्रकार स्वतंत्रता के बिना गणतंत्रता की कल्पना व्यर्थ और अधूरा है ठीक उसी प्रकार स्वतंत्रता को बनाये रखने के लिए लोकतंत्र की आत्मा अर्थात संविधान अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम भारतीयों के लिए भारत का संविधान ही एक ऐसा ग्रंथ
आलेख : बादल सरोज फासिस्टी गिद्धों की वार्मिंग-अप जारी है। इस बार मुद्दा अमेज़न प्राइम की वेब सीरीज “तांडव” है। इस बार भी भक्त नामधारी हुड़दंगियों ने “हिन्दू देवी-देवताओं का कथित अपमान किये जाने” का अपना आजमाया हुआ बहाना काम में लाया है और पूरे देश भर में मार तूफ़ान खड़ा करने की कोशिश की है।
अब तक की प्रतिक्रियाओं से साफ़ हो गया है कि किसी भी तरह किसान आंदोलन की धधकती आग पर पानी डालने का केंद्र सरकार का आख़िरी ब्रह्मास्त्र भी खाली चला गया है। सुप्रीम कोर्ट को बीच में लाकर किसानों को घर भेजने और इस तरह थोड़ी मोहलत पाकर विवादित कृषि कानूनों को हलक में उतारने
आदरणीय मोदी जी, सादर प्रणाम! क्षमा कीजियेगा। लिखना तो असल में आदरणीय प्रधानमंत्री जी को था, किन्तु अचानक कक्षा 5 में पढ़ी बाबा भारती और डाकू खडग सिंह की कहानी याद आ गयी। आपने शायद ही पढ़ी हो। इस कहानी में एक डाकू बीमार बनने का दिखावा कर बाबा भारती से उनका जान से भी
मैरी क्रिसमस, साथियों आज ईसा मसीह अर्थात भगवान यीशु का जन्मोत्सव है, वही ईसा मसीह जिन्होंने स्वयं सहित हम सबको को ईश्वर का संतान बताकर समाज में समानता, सद्भावना और प्रेम का रिश्ता बनाने का प्रयास किया। जीजस क्राइस्ट अपने जीवन पर्यंत बदले की भावना और दुर्भावना मुक्त जीवन जीए, उनके कार्य से असंतुष्ट होकर
आलेख : संजय पराते हाल ही में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इस देश के किसानों के लिए खुला पत्र लिखा है और कृषि कानूनों की खूबियां गिनाते हुए इसके खिलाफ चल रहे देशव्यापी किसान आंदोलन को खत्म करने की गुजारिश की है। दरअसल इस खुले पत्र के जरिये उन्होंने अडानी-अंबानी के व्यापारिक-व्यावसायिक हितों
99.9% भारतीय, राहुल गांधी को कांग्रेस का अध्यक्ष देखना चाहते हैं। वह 0.1% भारतीय में एक मैं हूँ, जो राहुल को अध्यक्ष नही देखना चाहता। इसलिए कि, अध्यक्षी से आगे जहां और भी हैं। कांग्रेस का सिरमौर और चेहरा होने के लिए राहुल गांधी किसी कुर्सी का मोहताज नही। उसकी शक्ल से झलकती राजीव की
(बादल सरोज) प्रिय भाई नरेन्द्र सिंह जी, किसानों के नाम लिखी आपकी चिट्ठी पढ़ी। काश, आपने इसमें संवेदना के दो शब्द भारत के उन 30 इंसानों के बारे में लिखे होते, जो 26 नवम्बर से आपकी सरकार के द्वारा दिल्ली की बॉर्डर्स पर अनावश्यक रूप से रोककर रखे जाने के चलते असमय ही काल के
गुरु घासीदास बाबा द्वारा प्रतिपादित समानता और मानव अधिकार पर आधारित सभी सिद्धांत आज भी मानव जीवन के बेहतरी के लिए प्रासंगिक है; उनके सिद्धांत युगों युगों तक प्रासंगिक रहेंगे। उनके सामाजिक, धार्मिक, आध्यात्मिक और शैक्षणिक आंदोलन से केवल सतनामी समाज ही नहीं वरन देश का हर जाति, वर्ण और धर्म के लोग लाभान्वित हुए
बाइडेन अमेरिका के नए राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं ब्राइडल डेमोक्रेट्स पार्टी के उम्मीदवार है उन्हें 273 वोट मिले हैं सभी राज्यों के मिलाकर बाइडेन कानूनी शिक्षा प्राप्त की हुई है। उन्होंने एक नया इतिहास बनाया है अमेरिका में बाइडेन जिनके अमेरिका के राष्ट्रपति बनते ही भारत और एशिया के लिए बहुत अच्छी खबर हो
पूरी दुनिया के देशों की इस समय नजर अमेरिकन इलेक्शन पर लगी हुई है, अमेरिका का राष्ट्रपति कौन बनेगा. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी से उम्मीदवार है. उन्होंने इकोनॉमिक्स में पढ़ाई की हुई है. उनकी आयु 74 साल है. वह दूसरी बार राष्ट्रपति बनने की कोशिश कर रहे हैं. बाइडेन डेमोक्रेट्स पार्टी के राष्ट्रपति के
अमेरिका में 50 राज्यों में वोट डाले जाएंगे साथ ही अमेरिका में आईबीएम IBM के कर्मचारियों में 28 प्रतिशत भारतीय मूल के लोग हैं. माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में भी 34 परसेंट भारतीय मूल के लोग हैं, अमेरिका में 38 प्रतिशत भारतीय मूल के डॉक्टर है जो स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप और बाइडेन जोरदार
इंडिया में मोबाइल स्मार्टफोन वह करोड़ों लोग यूज कर रहे हैं स्मार्टफोन 4G फोन का भी यूज कर रहे हैं इंटरनेट द्वारा इन से मनोरंजन एंटरटेनमेंट प्रोग्राम भी News, Social media द्वारा ऐसे प्रोग्राम लोग हजारों की संख्या में मोबाइल फोन द्वारा और स्मार्टफोन द्वारा देखते हैं मोबाइल फोन द्वारा उन्हें इंटरनेट से मनोरंजन प्रोग्राम
अमेरिका का राष्ट्रपति का चुनाव ठीक उसी समय हो रहा है इस समय बिहार की विधानसभा का चुनाव बिहार के चुनावी मुद्दे रोजगारJobs , बेरोजगारी की समस्या, स्वास्थ्य सेवा शिक्षा और कृषि का विकास। तेजस्वी यादव आरजेडी के नेता अपनी चुनाव सभाओं में लोगों से 10लाख लोगों को रोजगार देने की बात कर रहे हैं