न्यायधानी में स्कूल शिक्षा विभाग में चल रही अंधेरगर्दी की स्कूल शिक्षा मंत्री से हुई शिकायत

एनएसयूआई के महासचिव ने की लिखित शिकायत

मंत्री ने कहा जांच करवाकर करेंगे इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई , नहीं बर्दास्त की जाएगी इस प्रकार की जाएगी इस प्रकार की लापरवाही

बिलासपुर. जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी बिल्हा द्वारा जिस प्रकार की अंधेरगर्दी मचा कर रखी गई है इसकी लिखित शिकायत एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव अर्पित केशरवानी ने स्कूल शिक्षा मंत्री से मुलाकात करके की है । उन्होंने मंत्री को बताया की न्यायधानी में अधिकारी बेलगाम है और पैसे के लिए कुछ भी करने को उतारू है यही वजह है कि यहां पर एक सहायक शिक्षक इंद्रासन क्षत्री पिछले 6.5 साल से स्कूल से नदारद है और प्रॉपर्टी डीलिंग और ठेकेदारी जैसे व्यवसाय में लिप्त है । स्कूल से नदारत होने की सूचना स्वयं प्रधान पाठक द्वारा लिखित रूप में बार-बार बीईओ बिल्हा को दी गई उसके बाद भी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय विकासखंड शिक्षा अधिकारी हर माह उसका वेतन निकालते रहे । शिकायत में यह भी बताया गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने मिलीभगत करके एक शिक्षक को पदोन्नति आदेश जारी होने के 6 माह बाद कार्यभार ग्रहण कर दिया है जबकि उसका आदेश जारी होने के 15 दिन बाद ही निरस्त हो चुका था । इसके अतिरिक्त विकासखंड शिक्षा अधिकारी के ऊपर अपात्र कर्मचारियों को पंचायत विभाग से आई राशि का गलत तरीके से भुगतान करने का भी आरोप है जिसके जांच के लिए जिला पंचायत द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई थी पर इस मामले में भी किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई । विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा खाली स्कूलों की जानकारी देने के नाम पर भी पदोन्नति मामले में जमकर उगाही की गई है और एक वायरल ऑडियो में भी इस बात की पुष्टि हुई थी बावजूद इसके जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा लगातार अलग-अलग मामलों में विकासखंड शिक्षा अधिकारी को लगातार बचाया जा रहा है । इन सभी मामलों की शिकायत समस्त दस्तावेजों के साथ स्कूल शिक्षा मंत्री से की गई है
इधर मंत्री रविंद्र चौबे ने इस मामले में पूरी बात सुनने के बाद कहा है की शिकायत की जांच करवाई जाएगी और उसके बाद दोषी अधिकारी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी, किसी भी हाल में उन्हें नहीं बख्शा जायेगा ।

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