Corona Virus : मरने वाले पत्रकारों के परिवारों को मिलेगी 5 लाख की मदद, केंद्र सरकार ने लिया फैसला


नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Corona Virus) के कारण देश भर में जान गंवाने वाले पत्रकारों की केंद्र सरकार मदद करेगी. केंद्र सरकार ने प्रेस सूचना ब्यूरो के Press Information Bureau (PIB) के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. जिसमें कोरोना वायरस के कारण देश में मारे गए 39 पत्रकारों (Journalist) के परिवारों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की गई थी.

JWC को अतिरिक्त फंड जारी किया गया

जानकारी के मुताबिक केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने Journalist Welfare Committee (JWC) और देश भर के पत्रकारों (Journalist) को इस स्कीम में शामिल करने का फैसला किया है. इसके लिए JWC को अतिरिक्त फंड का इंतजाम किया गया है. यह फैसला JWC की सोमवार को हुई बैठक में लिया गया. समिति के एक सदस्य ने कहा कि जल्द ही कोरोना वायरस के कारण मारे गए 39 पत्रकारों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान कर दी जाएगी.

चेयरमैन अमित खरे के नेतृत्व में हुई बैठक

सूचना-प्रसारण मंत्रालय के सचिव और JWC के चेयरमैन अमित खरे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव नीरजा शेखर, संयुक्त सचिव विक्रम सहाय और PIB के के एस धतवालिया भी मौजूद थे. बैठक में पत्रकारों का प्रतिनिधित्व कमेटी के सदस्य संतोष ठाकुर, अमित कुमार, उमेश्वर कुमार और गणेश बिष्ट ने किया. संतोष ठाकुर ने इन प्रयासों के लिए प्रधान मंत्री मोदी और सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को धन्यवाद दिया.

हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस देने पर हुई चर्चा

संतोष ठाकुर ने कहा कि बैठक में पत्रकारों (Journalist) के लिए कई कल्याणकारी कार्यक्रमों पर चर्चा हुई. इनमें पत्रकारों को हेल्थ इंश्योरेंस और लाइफ इंश्योरेंस स्कीम का कवर देना भी शामिल है. इसके साथ ही पत्रकारों को आयुष्मान भारत (Ayushman Bharat) हेल्थ स्कीम में शामिल करने की मांग की गई.

पत्रकारों की मदद के लिए PIB पर लिंक जारी

संतोष ठाकुर ने बताया कि यदि कोई पत्रकार (Journalist) सेवा के दौरान गंभीर रूप से बीमार या विक्लांग हो जाता है तो वह JWC के जरिए सरकार से मदद मांग सकता है. जो पत्रकार सेवा के दौरान काम करते हुए मारे गए हैं, उनके परिवार के लोग भी आर्थिक सहायता के लिए अप्लाई कर सकते हैं. इसके लिए PIB ने अपनी वेबसाइट पर एक लिंक जारी किया है. जिस पर पत्रकार या उनके परिवार के लोग अपनी परेशानी लिखकर सरकार से मदद ले सकते हैं.

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