हेमूनगर की सड़कों में बह रहा है शौचालय का गंदा पानी


बिलासपुर/अनिश गंधर्व. सीवरेज परियोजना के नाम पर भाजपा शासन काल में करोड़ों रूपये पानी की तरह बहा दिये गए। योजना का लाभ  शहरवासियों को मिल नहीं सका वहीं कंपनी के अधिकारी कर्मचारी बोरिया बिस्तर समेटकर भाग निकले। भूमिगत नाली योजना के तहत किए गए घटिया निर्माण कार्य से लोगों को परेशानी हो रही है। शौचालय का पानी सड़को पर बह रहा है, बारिश होने पर स्थिति और बदत्तर होने वाली है। हेमु नगर के सड़कों में शौचालय का पानी बह रहा है। नगर निगम और जिला प्रशासन के आला अधिकारियों इस समस्या पर चुप्पी साधे बैठे हुए हैं। लोग अपनी शिकायत करे तो किससे करे समझ से परे है।


भाजपा शासन काल के दौरान वर्ष 2008 में पूर्व मंत्री अग्रवाल ने ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत भूमिगत नाली योजना को प्रारंभ कराया था। शुरूवाती दौर में ही सिवरेज परियोजना विवादों में रहा इसके बाद भी शासन प्रशासन में बैठे लोग इस योजना के लिए पानी की तरह पैसे बहाते रहे। शहर में सड़कें धंसने लगी लोग हादसे का शिकार होते रहे। परियोजना में काम करने वाले मजदूरों की भी दब मौत हुई। इसके बाद भी कमीशनखोरी करने के लिए सीवरेज परियोजना को आगे बढ़ाया जाता रहा।


विपक्ष में बैठे कांग्रेसी चिल्ला-चिल्लाकर सड़कों में प्रदर्शन करते रहे। सत्ता में आने के बाद कांग्रेस की सरकार ने सिवरेज परियोजना को बंद कर दिया है। किंतु समस्या जस की तस है। हेमुनगर में लोगों के घरों से शौचालय का गंदा व बदबूदार पानी सड़कों में बह रहा है। कोरोना काल में यहां संक्रमण फैलने की आशंका है। बारिश के दिनों में समस्या बढ़ेगी। यहां के निवासी नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत कर समस्या बता रहे हैं लेकिन उन्हें कोई फायदा नहीं हो रहा है। लोग माथा पीट रहे हैं और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मदद के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।

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