Life में आएं ऐसे बदलाव तो समझ लें Rahu का है अशुभ असर, इसके पीछे के कारण भी जानें


नई दिल्‍ली. कुंडली (Kundali) में राहु (Rahu) की स्थिति बहुत मायने रखती है क्‍योंकि यदि यह शुभ (Shubh) हो तो व्‍यक्ति के दिमाग में अच्‍छे विचार आते हैं, वह सकारात्‍मक रहता है और जिंदगी (Life) में सफल (Successful) होता है. वहीं राहु की नकारात्‍मक स्थिति जातक को कई परेशानियां देती हैं. जातक को शारीरिक-मानसिक समस्‍याएं हो सकती हैं. कामों में असफलता मिलती है. लेकिन कई बार कुंडली में राहु की स्थिति (Rahu Position) अच्‍छी होने के बाद भी व्‍यक्ति को उसके शुभ प्रभाव नहीं मिलते हैं. इसके पीछे कई बाहरी कारण जिम्‍मेदार होते हैं.

राहु के अशुभ असर के बाहरी  कारण 

– यदि घर की दहलीज खराब हो गई हो या सीढ़ियों का गलत तरीके से निर्माण हुआ हो या सीढ़ियां खराब हो गईं हों तो कुंडली में राहु अच्‍छी स्थिति होने के बाद भी नकारात्‍मक फल देते हैं.

– घर के टॉयलेट-वॉशरूम को कभी भी गंदा या टूटा-फूटा न रहने दें. इससे राहू  अशुभ प्रभाव देते हैं.

– घर के नैऋत्य कोण में गंदगी होने और पेट के बल सोने से भी जिंदगी में राहू का नकारात्‍मक प्रभाव पड़ता है.

– ऐसे स्‍थान पर रहना जो राहु का स्‍थान हो, जैसे वहां शराब का बिकना या मटन-चिकन बिकने वाली जगह के आसपास रहना.

राहु के अशुभ असर पड़ने के संकेत 

यदि व्‍यक्ति के जीवन में राहु का अशुभ असर पड़ने लगता है तो उसके संकेत कई तरीकों से नजर आने लगते हैं. जैसे व्‍यक्ति अतीत की बातों को याद करके दुखी होता रहता है और भविष्‍य की कल्‍पनाओं में खोया रहता है. अनावश्‍यक डर और आशंकाओं में जीने लगता है. काला जादू, तंत्र-टोटके में भरोसा करने लगता है. पानी, आग और ऊंचाई से डरने लगता है. रात में नींद अच्‍छे से नहीं आती है. बहुत ज्‍यादा सपने आते हैं. निर्णयों को लेकर अनिश्‍चित रहता है. घर में बार-बार झगड़ा करना. उसके साथ दुर्घटनाएं बढ़ जाना. बुरी आदतें पैदा होना. अचानक बहुत शराब पीने लगना आदि. ऐसी स्थिति में व्‍यक्ति को विशेषज्ञ से सलाह लेकर उपाय करना चाहिए.

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