किसानों को दलहन फसलों के बारे में दी गई महत्वपूर्ण जानकारियाँ

बिलासपुर. कृषि विज्ञान केंद्र सरकंडा के कृषि विज्ञानिकों द्वारा हिंडाडीह में किसानों को जागरूक कर उन्हें दलहन फसलों के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने दाल की फसल उगाने के बारे में बताया। डा. एसपी सिंह, डा. जयंत साहू, डा. शिल्पा कौशिक ने किसानों को दाल की खेती की विधि, उत्पादकता को बढ़ावा देना तथा किसानों को आय बढ़ाने के बारे में बताया। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डा. एसपी सिंह ने बताया कि विश्व दलहन दिवस संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा शुरू किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य दलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ाना एवं कम हो रही क्षेत्रफल में वृद्धि करना है।

भारतीय  कृषि अनुसंधान परिषद पूसा नईदिल्ली द्वारा दलहन एवं तिलहन को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर फ्रंट लाइन डिमांसट्रेशन तिलहन एवं दलहन द्वारा किसानों के प्रक्षेत्र पर प्रदर्शन कराया जाता है। इसमें नई-नई प्रजातियों का ट्रायल लगाकर किसान के प्रक्षेत्र पर प्रक्षेत्र दिवस मना कर किसानों को जागरूक किया जाता है। एसडीओ एसके जायसवाल ने बताया की दाल में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। इसमें अरहर में 22 प्रतिशत, उड़द, मूंग में 24 फीसद तथा मसूर में 25 से 26 फीसद प्रोटीन पाई जाती है। दलहनी फसलें जब बरसात कम होती हैं उस समय किसानों के आजीविका का मुख्य साधन बन जाती हैं। एसडीओ पीसी अग्रहरि ने दलहन उड़द एवं मूंग पर प्रकाश डाला।

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