Afghanistan से अपने ‘समर्थक’ अफगानियों को निकालेगा India, देश में देगा शरण!


नई दिल्ली. अफगानिस्तान (Afghanistan) में तेजी से बिगड़ रहे हालात को देखते हुए भारत (India) सरकार ने बड़ा फैसला किया है. वह अफगानिस्तान में फंसे भारत समर्थक नागरिकों को निकालकर उन्हें देश में शरण (Refuge) देगा.

इन लोगों को मिलेगी शरण

सूत्रों के मुताबिक अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान (Taliban) जिस तेजी से प्रांतों पर कब्जे कर रहा है. उससे भारत (India) के साथ मिलकर काम करने वाले शांति पसंद पत्रकारों, लेखकों, एक्टिविस्टों, अल्पसंख्यक वर्गों समेत तमाम लोगों की जान खतरे में पड़ती जा है. ऐसे में भारत सरकार ने अफगानिस्तान के इन नागरिकों को वहां से निकालकर भारत में शरण (Refuge) देने का फैसला किया है. हालांकि अभी ऐसे लोगों की संख्या तय नहीं है. ऐसे नागरिकों को भारत में लॉन्ग टर्म वीजा प्रदान किया जाएगा.

ये देश भी कर चुके हैं घोषणा

बताते चलें कि भारत से पहले अमेरिका, जर्मनी और कनाडा जैसे देश भी नाटो सेनाओं के साथ मिलकर काम कर रहे अफगानियों को वहां से निकालकर अपने देश में शरण (Refuge) देने की घोषणा कर चुके हैं. अमेरिका ने इस काम के लिए काबुल एयरपोर्ट पर स्पेशल वीजा सेंटर शुरू किया है. जहां पर वह अमेरिका जाने वाले अफगानियों को वीजा दे रहा है. कनाडा ने भी 20 हजार अफगानियों को अपने यहां शरण देने की घोषणा की है.

मजार ए शरीफ पर तालिबान का घेरा

हालांकि भारत अब तक अफगानिस्तान (Afghanistan) में स्थिति बिगड़ने के बावजूद हालात की निगरानी जारी रखे हुए है. हालांकि तालिबान की बढ़त को देखते हुए भारत पिछले हफ्ते अपने 50 नागरिकों को मजार ए शरीफ से वापस निकालकर लाया है. इस शहर के चारों ओर तालिबान (Taliban) आतंकियों ने घेरा डाला हुआ है और वे कभी भी उस पर कब्जा जमा सकते हैं.

दो दूतावास खाली कर चुका भारत

भारत (India) ने कंधार और मजार ए शरीफ में चल रहे दोनों वाणिज्य दूतावासों को भी खाली कर दिया है और वहां से अपने राजनयिकों को वापस बुला लिया है. अब ये दोनों वाणिज्य दूतावास स्थानीय कर्मचारियों की ओर से चलाए जा रहे हैं. काबुल में भारतीय दूतावास ने अफगानिस्तान में रह रहे भारतीयों को तुरंत स्वदेश वापसी करने की एडवाइजरी जारी की है. अफगानिस्तान (Afghanistan)में करीब 1500 भारतीय विभिन्न विकास परियोजनाओं में लगे हुए हैं.

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!