कैंसर अस्पताल खोलने के एवज में वकील से 3 करोड़ की ठगी
बिलासपुर. चकरभाठा पुलिस ने बताया कि अरुण मिश्रा पेशे से वकील हैं। जनवरी-फरवरी 2024 में उसे एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप संदेश प्राप्त हुआ, जिसने स्वयं को ग्रेट ब्रिटेन निवासी डॉ. लोव्हीत बताया। उक्त व्यक्ति द्वारा अपने एक कथित सहयोगी ग्रेस डेविड निवासी स्कॉटलैंड से अरूण से परिचय कराया। ग्रेस डेविड द्वारा भारत में कैंसर अस्पताल, ब्लाइंड इंस्टिट्यूट, रियल एस्टेट एवं लॉ कॉलेज में लगभग 500 करोड़ रुपए निवेश करने व पार्टनर बनाने का प्रस्ताव दिया गया। इस झांसे में आकर पीडि़त प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराई और व्हाट्सएप के माध्यम से निरंतर संपर्क बना रहा। 10 जून 2024 को उक्त महिला के भारत आगमन व उसके नाम पर स्कॉटलैंड बैंक से जारी लगभग 103 करोड़ रुपए के डिमांड ड्राफ्ट के क्लियरेंस की प्रक्रिया के नाम पर पीडि़त ने पैसे की मांग की। झांसा में फंसकर पीडि़त ने अलग-अलग किस्तों में 3 करोड़ 13 हजार रुपए ठग के खातों में जमा कर दिए। पुलिस ने जांच के दौरान यह पाया कि आरोपी नवीन जून (34) सोनीपथ हरियाणा वर्तमान पता देवरीखुर्द तोरवा निवासी अपने मोबाइल से विभिन्न फर्जी ईमेल आईडी बनाकर स्वयं को बैंक, एंबेसी व अन्य संस्थाओं का अधिकारी बताकर भ्रमित किया गया। डिमांड ड्राफ्ट क्लियरेंस के नाम पर सुनियोजित तरीके से ठगी की गई। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया है। आरोपी बैंक में डायरेक्ट सेलिंग एजेंट के रूप में कार्यरत था। इसलिए बैंकिंग प्रक्रिया की जानकारी का दुरुपयोग कर अपने साथियों के साथ मिलकर इस ठगी को अंजाम दिया।


