ऑपरेशन क्लीन साइबर को मिली सफलता,आधुनिक तरीके से साइबर अपराध करने वाला अंतर्राज्यीय गिरोह पुलिस की गिरफ्त में


बिलासपुर. बिलासपुर पुलिस के ऑपरेशन क्लीन साइबर अभियान को बड़ी सफलता मिली है। आधुनिक तरीके से साइबर अपराध करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो आरोपी को पुलिस की टीम ने बिहार और झारखंड से गिरफ्तार किया है। क्रेडिट कार्ड के कस्टमर केयर के नाम पर आनलाईन ठगी करने वाले अंतर राज्य गिरोह का पर्दाफाश गूगल में कम्पनी के फर्जी तरीके से कस्टमर केयर के नाम एवम नंबरों में परिवर्तन कर देते थे ठगी को अंजाम मुख्य सरगना एवं उसका सहयोगी झारखण्ड के देवधर जिले के सारठ थाना क्षेत्र से गिरफ्तार 06 नग मोबाइल फोन मय सिम कार्ड, आधार कार्ड एवं 39,000 रू नगदी बरामद हुई। देशभर के गई लोगों को बनाया ठगी का शिकार। दिगर प्रांत के फर्जी सिम कोलकाता, पश्चिम बंगाल से फर्जी सिम मंगवाकर देते है घटना को अंजाम। ऑपरेशन बिहार एवं झारखंड हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित टीम को मिली कामयाबी।

जानकारी के अनुसार शंकल लाल समुद्रे आ. ओम प्रकाश समुंद्रेउम्र 34 वर्ष निवासी 02/67 राजकिशोर नगर तुलसी आवास थाना सरकण्डा जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ ठगी शिकार होने की वजह अनजान नम्बर से आने वाले फोन काॅल को रिसिव कर क्रेडिट कार्ड बंद होने संबंधीत फर्जी जानाकरी पर अपने खाते से संबंधीत गोपनाीय जानकारी ठगो को उपलबद्ध करवाकर। घटनाक्रम दिनांक 06 जून 2021 को प्रातः प्रार्थी के पास अनजाने मोबाईल नम्बर से काॅल आता है प्रार्थी द्वारा काॅल रिसिव करने पर काॅलर स्वयं को एस.बी.आई. क्रेडिट कार्ड के कस्टमर केयर का एम्पलाई बताकर 14000 रू का बिल बकाया होने संबंधी बात बताकर उसे तत्काल जमा करने हेतु कहता है अन्यथा आपका क्रेडिट कार्ड और बंैक खाता दोनो बंद करना पडेगा कहता है इस पर प्रार्थी द्वारा अंजान काॅल पर विश्वास करके अपने क्रेडिट कार्ड कानम्बर बैंक खाता का नम्बर पंजीकृत मेाबाईल नम्बर की जानकारी साझा करने के पश्चात ऐनीडेस्क एप डाॅउनलोड करवाकर प्रार्थी के मोबाईल को वह स्व्यं रिमोट लेकर चलाने लगता है तथा प्रार्थी के खाते से कुल ₹118000 रू आॅनलाईन ठगी कर लेता है चुकि प्रार्थी द्वारा एनीडेस्ट के माध्यम से सम्पुर्ण एक्सेस ठगो को दिये जाने की वजह से ओ.टी.पी. को स्वयं देखकर घटना को अंजाम दिये है रूपये के आॅनलाईन आहरण होने की जानकारी प्रार्थी को 10 मिनट बाद मोबाईल में एस.एम.एस. आने पर ज्ञात हुआ ठगी का एहसास होने पर प्रार्थी द्वारा थाना सरकण्डा में प्राथमिकी दर्ज करवाया गया। नव पदस्थ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार झा (भा.पु.से.) से द्वारा ऑनलाइन ठगी के प्रकरणों की समीक्षा के दौरान उसमें सूचना एवं प्रोघोगिकी अधिनियम की भी धाराए भा.द.वि. के साथ जोडकर अनुसंधान हेतु सायबर सेल की मदद से आरोपीयो की पहचान करने उपरांत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उमेश कश्यप अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रोहित झा सीएसपी कोतवाली अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमेष बरैया सीएसपी सरकण्डा निमिषा पाण्डेय के निर्देश में प्रभारी साइबर सेल एवम सरकण्डा निरीक्षक परिवेश तिवारी के निर्देशन में टीम गठित की गई। टीम द्वारा प्रकरण से जुड़े समस्त तकनीकी पहलुओ का सुक्ष्मता से अवलोकन कर मामले में संलिप्त आरोपीयो की पहचान की गई।तत्पश्चात आॅपरेशन बिहार एवं झारखण्ड हेतु गठित टीम द्वारा घटना कारित करने वाले झारखण्ड के सारठ थानाक्षेत्रांतर्गत विभिन्न इलाको में पतासाजी कर थाना सारठ पुलिस के सहयोग से जिला देवधर के ग्राम पिण्डारी, पाथरडीह, कपसा, बेलभरना, राजा राडी, सुबअरवा ईत्यादि दुर्गम ईलाको में लगातार 3 दिन तक सघन अभियान चलाकर आरोपीयो को धर दबोचा गया जिन्होने इसके अतिरिक्त भी 2019 से लगातार कई लोगो को ठगना स्वीकार किया जिस बाबत् पुछताछ जारी है।गिरफ्तार आरोपियों का विवरण 01. अजमल अंसारी पिता चेरकु मिश्रा उम्र 30 वर्ष सा. पिण्डारी थाना सारठ जिला देवघर झारखण्ड।02. मोहम्मद सराफत अंसारी पिता स्व. मकबूल मिया अंसारी उम्र 22 वर्ष सा. पिण्डारी थाना सारठ जिला देवघर झारखण्ड।जप्त सामग्री:- 06 नग मोबाइल मय सिम कार्ड आधार कार्ड सहित 39,000 नगद टीम में शामिल निरीक्षक कलीम खान निरीक्षक प्रदीप आर्या,उप निरीक्षक प्रभाकर तिवारी उप निरीक्षक संजय बरेठ उप निरीक्षक सागर पाठक उपनिरीक्षक मनोज नायक ,उप निरीक्षक हृदय पटेल सहायक उप निरीक्षक हेमंत आदित्य प्रधान आरक्षक गजेंद्र शर्मा प्रधान आरक्षक अशोक कश्यप आरक्षण दीपक उपाध्याय नवीन एकका मुकेश वर्मा धर्मेंद्र साहू विवेक राय तदबीर पोर्ते महिला आरक्षक शकुन्तला साहू की भूमिका सराहनीय रही।

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