PM मोदी की चीन को खरी-खरी, ‘आतंकी फंडिंग पर कार्रवाई को लेकर नहीं करें राजनीति’

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए सभी देशों को एक साथ आने की जरूरत है. पीएम मोदी ने आतकंवाद को बढ़ावा देने वाले देशों पर यूएन द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों पर सवाल उठाने वाले देशों को इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की सलाह दी. संयुक्त राष्ट्र महासभा के ‘स्ट्रैटेजिक रिस्पॉन्सेज टू टेररिस्ट एंड वायलेंट एक्सट्रेमिस्ट नैरेटिव्स’ सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता और तत्परता का आह्वान किया.

संयुक्त राष्ट्र में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आतंकियों को किसी भी तरह से फंड और हथियार नहीं मिलने चाहिए. इशारों इशारों में चीन पर हमला करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘हमें यूएन की लिस्टिंग और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) जैसी व्यवस्थाओं पर किसी भी तरह से राजनीति करने से बचना चाहिए. इस तरह की व्यवस्थाओं को हमें लागू करना चाहिए और इन्हें और मजबूत करने की तरफ आगे बढ़ना चाहिए.’

बता दें कि पाकिस्तान लगातार यह बात कह रहा है कि भारत उसकी अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने के लिए उसे ब्लैकलिस्ट कराने पर जोर दे रहा है. भारत के अनुभवों को साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, ‘लोकतांत्रिक मूल्य, विविधता और समावेशी विकास आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरता को बढ़ावा देने वाली विचारधाराओं के खिलाफ सबसे महत्वपूर्ण हथियार है.’

भारतीय विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) गीतेश शर्मा ने बताया, ‘पीएम मोदी ने जलवायु परिवर्तन की तरह ही संपूर्ण विश्व से आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाने का आह्वान किया. पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद कहीं भी हो उसे आतंकवाद के रूप में ही देखा जाना चाहिए, अच्छे आतंकवाद और बुरे आतंकवाद के रूप में नहीं.’

गौरतलब पिछले महीने ही अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद की फंडिंग पर निगरानी करने वाली संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने पाकिस्तान को डाउनग्रेड कर ब्लैकलिस्ट कर दिया है. पाकिस्तान के खिलाफ यह कार्रवाई टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग रोकने में नाकाम रहने पर की गई थी.इसके बाद चीन ने पाकिस्तान का साथ देते यूएन लिस्टिंग और एफएटीएफ पर सवाल उठाए थे. चीन ने कहा था ‘पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ बड़े प्रयास और बलिदान किए हैं. अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान को अधिक सहयोग तथा मान्यता देनी चाहिए.’

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