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आईटीआई कोनी में पुर्नगणना हेतु आवेदन आमंत्रित : अखिल भारतीय व्यवसायिक परीक्षा फरवरी तथा मार्च 2021 में बिलासपुर जिले की विभिन्न शासकीय एवं निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में सम्मिलित परीक्षार्थियों जो इंजीनियरिंग ड्राईंग तथा स्टेनोग्राफर एण्ड सेक्रेट्रियल असिस्टेंट हिन्दी व अंग्रेजी की प्रायोगिक उत्तर पुस्तिकाओं के अंकों की पुर्नगणना कराना चाहते हैं। वे परीक्षा परिणाम घोषित होने के 01 माह के भीतर निर्धारित शुल्क चालान शीर्ष ’’0230-श्रम और रोजगार, 03- प्रशिक्षण, 800 अन्य प्राप्तियां’’ में जमा कर आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, कोनी, बिलासपुर के प्रशिक्षण अनुभाग में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों के लिए आवेदन शुल्क 10 रूपये प्रति पेपर एवं अन्य परीक्षार्थियों के लिए शुल्क 25 रूपये निर्धारित किया गया है। विस्तृत जानकारी कार्यालयीन समय में संस्था में उपस्थित होकर प्राप्त की जा सकती है।
रेडी टू ईट पूरक पोषण आहार प्रदाय हेतु प्रस्ताव 25 जून तक आमंत्रित : महिला एवं बाल विकास विभाग के एकीकृत बाल विकास परियोजना कोटा, बिलासपुर, सरकण्डा के रिक्त पर्यवेक्षक सेक्टरों अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में रेडी टू ईट पूरक पोषण आहार प्रदाय हेतु सक्षम महिला स्व सहायता समूहों से प्रस्ताव आमंत्रित किये जाते है। आवेदन पत्र कार्यालय में 11 जून 2021 से 25 जून 2021 तक कार्यालयीन समय प्रातः 10.30 बजे से अपरान्ह 5.30 बजे तक प्रस्तुत किये जा सकते हैं। कार्य से संबंधित शर्ते व विस्तृत विवरण 01 दिवस पूर्व तक तक कार्यालयीन समय में इस कार्यालय से प्राप्त किये जा सकते हैं। आवेदन पत्र उन्ही महिला स्व सहायता समूहों से स्वीकार किया जायेगा, जो संबंधित सेक्टर में आने वाले ग्राम, कस्बा के अंतर्गत शामिल हो।
एकीकृत बाल विकास परियोजना कोटा के सेक्टर कोटा में 27 आंगनबाड़ी केन्द्र, जोगीपुर में 27 आंगनबाड़ी केन्द्र, बेलगहना में 26 आंगनबाड़ी केन्द्र, करगीकला में 33 आंगनबाड़ी केन्द्र, करगीखुर्द में 29 आंगनबाड़ी केन्द्र, टेंगनमाड़ा में 28 आंगनबाड़ी केन्द्र, कोनचरा में 23 आंगनबाड़ी केन्द्र, मझवानी में 21 आंगनबाड़ी केन्द्र, जाली में 20 आंगनबाड़ी केन्द्र है। इसी प्रकार एकीकृत बाल विकास परियोजना बिलासपुर के सेक्टर टिकरापारा में 22 आंगनबाड़ी केन्द्र, गणेशनगर में 26 आंगनबाड़ी केन्द्र, चिंगराजपारा में 25, दयालबंद में 19, तारबाहर में 26, सरकण्डा में 25, मुंगेली नाका में 26, तालापारा में 27, कतियापारा में 22, चांटीडीह में 24 आंगनबाड़ी केन्द्र है और एकीकृत बाल विकास परियोजना सरकण्डा में सेक्टर लिंगियाडीह में 24, सेमरताल में 28, बेलतरा में 20, देवरीखुर्द में 26, टेकर में 26, कोनी में 29, लखराम में 27, खमतराई में 23, सेंदरी में 26 एवं लगरा में 23 आंगनबाड़ी केन्द्र है।
जिले में 31 हजार 445 हेक्टयर क्षेत्र में फोर्टिफाईड धान, मक्का, दलहन, तिलहन, कोदोकुटकी, रागी उत्पादन की योजना : राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत् जिले में खरीफ वर्ष 2020 में पंजीकृत धान के रकबे में धान के बदले अन्य किस्म सुगंधित धान, जिंक धान, जैविक धान, दलहन-तिलहन एवं गन्ना फसल को बढ़ावा देने हेतु कार्य योजना बनाई गई है। जिसके तहत् 31 हजार 445 हेक्टयर से अधिक क्षेत्र में इन फसलों का उत्पादन किया जायेगा। उप संचालक कृषि बिलासपुर ने बताया कि खरीफ वर्ष 2020 में जिले के बिल्हा, मस्तूरी, कोटा, तखतपुर विकासखण्ड में किसानों का एक लाख 33 हजार 961 हेक्टयर रकबा पंजीकृत था, जिसमें एक लाख 25 हजार 784 हेक्टयर धान का रकबा था। इस पंजीकृत रकबे में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत् 28 हजार 419 हेक्टयर में सुंगधित धान, 700 हेक्टयर में जैविक धान, 100 हेक्टयर में जिंक धान, 775 हेक्टयर में मक्का, 100 हेक्टयर में कोदोकुटकी, 25 हेक्टयर में रागी, 1082 हेक्टयर में दलहन और 244 हेक्टयर में तिलहन उत्पादन की कार्ययोजना बनाई गई है। जिसके लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों एवं बीज निगम के पास 16 हजार 223 क्विंटल विभिन्न फसलों के बीज उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि जिले में खरीफ वर्ष 2020 में 42 हजार 38 हेक्टयर धान का रकबा अपंजीकृत था। इस रकबे में भी धान के बदले सुगंधित, जैविक एवं जिंक धान उत्पादन हेतु कार्ययोजना बनाई गई है। जिसके लिए किसानों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राजीव गांधी किसान योजना के तहत् खरीफ 2021 से धान के साथ मक्का, कोदोकुटकी, सोयाबीन, अरहर तथा गन्ना उत्पादक कृषकों को प्रतिवर्ष 9 हजार रूपये प्रति एकड़ आदान सहायता राशि दी जायेगी। वर्ष 2020 में जिस रकबे से किसान द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया गया था यदि वह उस रकबे में धान के बदले कोदोकुटकी, गन्ना, अरहर, मक्का, सोयाबीन, दलहन-तिलहन, सुंगधित धान, अन्य फोर्टिफाईड धान, केला, पपीता लगाता है अथवा वृक्षारोपण करता है तो उसे प्रति एकड़ 10 हजार रूपये आदान सहायता राशि दी जायेगी। वृक्षारोपण करने वाले कृषकों को तीन वर्षों तक यह राशि प्राप्त होगी।