सिक्ख सेमिनार आज
रायपुर. सिक्ख समाज छत्तीसगढ़ द्वारा सिक्खों के नौवें गुरू श्री गुरूतेगबहादुर सिंह जी के 400वें प्रकाश पर्व को समर्पित 9 अप्रैल से 19 अप्रैल तक पूरे छत्तीसगढ़ में संदेश यात्रा निकाली जा रही है। जिसमें हिन्द की चादर की उपाधि पाने वाले ऐसे महान गुरू के संदेश उनके विचार, जीवनी, त्याग बलिदान के लिटरेचर के माध्यम से जनता तक पहुंचाये जायेंगे। संदेश यात्रा में उनकी निशानी तथा गुरू ग्रंथ साहिब के साथ खालसाई शान के साथ पांच प्यारों की अगुवाई में 9 अप्रैल को नगरकीर्तन गुरूद्वारा स्टेशन रोड रायपुर से दोपहर 2 बजे निकलेगा। जो तेलघानी नाका, आमापारा, राजकुमार कॉलेज होते हुये टाटीबंध गुरूद्वारे तक जायेगा। दूसरे दिन संदेश यात्रा सुबह 8 बजे आरंभ होकर कुम्हारी, चरोदा, भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव, तुमड़ीबोड़ होकर डोंगरगढ़ तक जायेगी। 19 अप्रैल को संदेश यात्रा का समापन रायपुर में होगा। 23 एवं 24 अप्रैल को देश के जाने माने किर्तन जत्थों द्वारा शबद कीर्तन एवं कथा वाचन साईंस कालेज के विशाल मैदान में होगा। गुरूनानक देव जी के अमरकंटक से जगन्नाथ पुरी की अपनी धार्मिक यात्रा के दौरान 2 दिनों तक ग्राम गढ़फुलझर बसना के पास रूककर तपस्या की थी। उनकी चरण स्थली पर भव्य तीर्थ स्थल बनाने का निर्णय सिक्ख समाज द्वारा लिया गया है। पर्यटन स्थल बनाये जाने के संबंध में समाज का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से भी मिल चुका है। गुरूद्वारा नानक सागर साहिब तीर्थस्थल गढ़फुलझर का ड्राइंग डिजाइन अंतिम रूप से तैयार किया जा रहा है। अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष महेन्द्र छाबड़ा, सिक्ख समाज के संयोजक सुरेन्द्र सिंह छाबड़ा एवं स्टेशन रोड गुरूद्वारा के अध्यक्ष निरंजन सिंह खनूजा ने संयुक्त रूप से बताया कि दोनों ही विषयों पर व्यापक चर्चा करने छत्तीसगढ़ के सभी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटियों, सिक्ख समाज के पदाधिकारी, लेडिस विंग, यूथ विंग तथा सभी समाजिक संगठनों के प्रमुख तथा सिक्ख समाज के वरिष्ठजनों को आज के सेमीनार में संदेश यात्रा कीर्तन समागम तथा गुरूद्वारा नानक सागर गढ़फुलझर के निर्माण पर विस्तृत चर्चा कर अंतिम रूप देने आमंत्रित किया है। 3 अप्रैल रविवार को सेमीनार दोपहर 12 बजे से रायपुर ग्रीन छेरीखेड़ी में आयोजित है।