बिलासपुर. गंभीर चक्रवाती तूफान ‘आसानी’ (जिसका उच्चारण आसनी के रूप में किया गया है) पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे लगे दक्षिण बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है । यह कार निकोबार (निकोबार द्वीप समूह) के उत्तर-पश्चिम में लगभग 970 किमी, पोर्ट ब्लेयर (अंडमान द्वीप समूह) के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में 820 किमी, आंध्र प्रदेश का
बिलासपुर. एक ऊपरी हवा का चक्र चक्रवाती घेरा पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास स्थित है, जो 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इसके प्रभाव से अगले 24 घंटे में एक कम दबाव का क्षेत्र पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास बनने की संभावना है। निम्न दाब का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर
बिलासपुर. उड़ीसा एवं बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवात ‘‘यास‘‘(YAAS) के मद्देनजर आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा की दृष्टि से दक्षिण पूर्व रेलवे से संबंधित कई गाड़ियों को रद्द किया जा रहा है। इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे से होकर चलने वाली एक गाड़ी को चक्रवात ‘‘यास‘‘ तूफान के कारण रद्द की तिथि में
बिलासपुर. उड़ीसा एवं बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवात ‘‘यास‘‘(YAAS) की चेतावनी के मद्देनजर आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा की दृष्टि से दक्षिण पूर्व रेलवे से संबंधित कई गाड़ियों को रद्द किया जा रहा है। इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे से होकर चलने वाली कुछ गाड़ियो को चक्रवात ‘‘यास‘‘ तूफान के कारण रद्द किया
बिलासपुर. पूर्व तट रेल्वे के उड़ीसा एवं बंगाल की खाड़ी में चक्रवात ‘‘यास‘‘(YAAS) की चेतावनी के मद्देनजर आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा की दृष्टि से पूर्व तट रेलवे से संबंधित कई गाड़ियो को रद्द एवं मार्ग परिवर्तित किया जा रहा है एवं दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे से होकर चलने वाली कुछ गाड़ियो को चक्रवात ‘‘यास‘‘ तूफान
बिलासपुर. एक चक्रीय चक्रवाती घेरा विदर्भ के ऊपर 3.1 किलोमीटर से 5.1 किलोमीटर के बीच स्थित है। प्रदेश में बंगाल की खाड़ी से नमी निम्न वातावरण में स्तर पर आ रही है। इसके प्रभाव से प्रदेश में कल दिनांक 16 अप्रैल को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ
बिलासपुर. एक अवदाब पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में पिछले 3 घंटे से गतिमान है । 11 अक्टूबर को विशाखापट्टनम से 400 किलोमीटर दूर दक्षिण दक्षिण पूर्व दिशा में, काकीनाडा से 450 किलोमीटर दूर दक्षिण पूर्व की ओर तथा नरसपुर से 490 किलोमीटर दूर पूर्व उत्तर पूर्व की ओर स्थित है
बिलासपुर. एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी में स्थित है, इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। इसके उत्तर पश्चिम दिशा में अगले 2 से 3 दिन आगे बढ़ने की संभावना है। मानसून द्रोणिका बरेली, इलाहाबाद, पूरी और इसके बाद दक्षिण पूर्व दिशा में
बिलासपुर. एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण पार्टी उड़ीसा के ऊपर 1.5 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है। एक चक्रीय चक्रवाती घेरा तेलंगाना और उससे लगे विदर्भ के ऊपर 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। एक पूर्व पश्चिम विंड शियर जोन 16 डिग्री उत्तर
बिलासपुर. सुस्पष्ट चिन्हित निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगा हुआ टाटिया गंगेटिक पश्चिम बंगाल और तटीय उत्तरी उड़ीसा के ऊपर स्थित है इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। मानसून द्रोणिका गंगानगर हिसार हरदोई गोरखपुर पटना जमशेदपुर निम्न दाब का क्षेत्र और
बिलासपुर. एक चिन्हित निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास स्थित है। इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। इसके पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की सम्भावना है । मानसून द्रोणिका अपने सामान्य स्थिति पर स्थित है। एक विंड शियर जोन 21 डिग्री
बिलासपुर. मानसून द्रोणिका बीकानेर, सीकर, दिल्ली, बरौनी, लखनऊ, बक्सर, बोकारो, कोलकाता और उसके बाद दक्षिण पूर्व दिशा की ओर उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी तक 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। एक चक्रीय चक्रवर्ती घेरा उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास 3.6 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। इसके प्रभाव से
बिलासपुर.एक चक्रीय चक्रवाती घेरा पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। एक चक्रीय चक्रवाती घेरा पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास मध्य ट्रोपोस्फेयर तक स्थित है, इसके प्रभाव से एक निम्न दाब का क्षेत्र अगले 48 घंटे में पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी में बनने की संभावना है।
बिलासपुर. मंगलवार सुबह से हो रही बेमौसम बारिश ने शहरी जनजीवन को अस्तव्यस्त कर रख दिया है। बंगाल की खाड़ी से उठ रही आद्र हवाएं उत्तर पश्चिम विक्षोभ से मिलकर मौसम परिवर्तन करा रही है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण लगभग पूरे उत्तर भारत में मौसम में परिवर्तन देखा जा रहा है। खासकर मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़