हमारे मित्र रामलाल यूं तो ठलुहे हैं पर कभी बेकार में पीते नहीं,वे तब पीते हैं जब पीने का कोई कारण होता है।मसलन आज बहुत गर्मी है इसलिए पी लिया।ठंड बहुत लग रही थी इसलिए पी लिया।याने दारू दारू न हुई एयर कंडीशन हो गई जो अवसर पर पीने के बाद ठंडा- गरम करती है।