अंबिकापुर. संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर कल 26 जनवरी को अखिल भारतीय किसान सभा से संबद्ध छत्तीसगढ़ किसान सभा ने विशाल रैली निकाली और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार फसल की सकल लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने का कानून बनाने, वनाधिकार कानून का प्रभावी क्रियान्वयन करने, ऐतिहासिक किसान आंदोलन के दौरान
रायपुर. अखिल भारतीय किसान सभा ने संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर ‘अग्निपथ’ योजना की वास्तविक प्रकृति को उजागर करने के लिए किसानों, छात्रों-नौजवानों तथा पूर्व सैनिकों के संगठनों के साथ मिलकर पूरे देश में ‘जय किसान, जय जवान’ सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया है। ये सम्मेलन 7 से 14 अगस्त तक आयोजित किये
नई दिल्ली. संयुक्त किसान मोर्चा ने 24 जून को अग्निपथ योजना के खिलाफ देशभर में विरोध दिवस मनाने का ऐलान किया है। यह फैसला मोर्चा की 7 सदस्य कोऑर्डिनेशन कमिटी ने कल करनाल (हरियाणा) हुई अपनी बैठक में लिया। इस दिन “जय जवान, जय किसान” के नारे के साथ सभी जिला, तहसील या ब्लॉक मुख्यालयों
रायपुर. संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े सभी संगठनों ने यह फैसला किया है कि 11-17 अप्रैल तक ‘एमएसपी की कानूनी गारंटी दो’ सप्ताह मनाया जाएगा तथा सभी किसानों को सभी कृषि उत्पादों पर स्वामीनाथन कमीशन द्वारा निर्धारित सी-2 लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देने की मांग पर धरना, प्रदर्शन तथा
रायपुर. किसान विरोधी कानूनों की वापसी से उत्साहित संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर आज पूरे प्रदेश में छत्तीसगढ़ किसान सभा, आदिवासी एकता महासभा, राजनांदगांव जिला किसान संघर्ष समिति और छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन से जुड़े घटक संगठनों ने सड़कों पर उतरकर मोदी सरकार की कॉर्पोरेटपरस्त नीतियों के खिलाफ और सी-2 लागत का डेढ़ गुना
संयुक्त किसान मोर्चा और किसान संघर्ष समन्वय समिति से संबद्ध 25 से ज्यादा किसान संगठनों के संयुक्त मंच छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन ने केंद्र सरकार द्वारा काले कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा का स्वागत किया है, लेकिन वापसी के लिए संसदीय प्रक्रिया के पूर्ण होने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सी-2 लागत का
किसान विरोधी तीन काले कानूनों और मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा आहूत भारत बंद को ऐतिहासिक बताते हुए और छत्तीसगढ़ में इसे सफल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन से जुड़े सभी घटक संगठनों और छत्तीसगढ़ किसान सभा तथा आदिवासी एकता महासभा ने आम जनता
रायपुर.संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा 27 सितंबर को भारत बंद करने का आव्हान करते हुए सभी पार्टियों से अपील की है,जिसे देखते हुए छत्तीसगढ़ समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष तनवीर अहमद ने 27 सितंबर को देश बंद व्यापी आंदोलन में अपने पार्टी का समर्थन देते हुए संयुक्त मोर्चा को पत्र सौपा है। पत्र में प्रदेश अध्यक्ष
संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन से जुड़े सभी घटक संगठनों और छत्तीसगढ़ किसान सभा तथा आदिवासी एकता महासभा ने कल 27 सितंबर को आयोजित ऐतिहासिक भारत बंद के आह्वान पर छत्तीसगढ़ बंद को सफल बनाने की अपील की है। किसान आंदोलन ने कहा है कि किसानों का ऐतिहासिक संघर्ष किसान विरोधी
रायपुर. संयुक्त किसान मोर्चा, अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति और विभिन्न ट्रेड यूनियन संगठनों के आह्वान पर आज 9 अगस्त को पूरे छत्तीसगढ़ में भी ‘भारत बचाओ, कॉर्पोरेट भगाओ’ के नारे के साथ आंदोलन हुआ। यह आंदोलन कॉर्पोरेटपरस्त तीन किसान विरोधी कानूनों तथा मजदूर विरोधी श्रम संहिता को वापस लेने, फसल की सी-2 लागत का
रायपुर. संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर कल 9 अगस्त को पूरे छत्तीसगढ़ में भी ‘भारत बचाओ, कॉर्पोरेट भगाओ’ के नारे के साथ किसान आंदोलन करेंगे। यह आंदोलन कॉर्पोरेटपरस्त तीन किसान विरोधी कानूनों को वापस लेने तथा फसल की सी-2 लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने
कोरबा. संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के देशव्यापी आह्वान पर छत्तीसगढ़ किसान सभा के तत्वावधान में अरदा गांव में कबीर जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुवात में संत कबीर पर पीएचडी करने वाले डॉ. आर एन चंद्रा का किसान सभा के जिला अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर द्वारा स्मृति चिन्ह और
संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के देशव्यापी आह्वान पर छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन से जुड़े सभी घटक संगठन भी 26 जून को “कृषि बचाओ, लोकतंत्र बचाओ” दिवस मनाएंगे तथा किसान विरोधी तीनों काले कानूनों की वापसी की मांग को लेकर गांव-गांव में प्रदर्शन आयोजित करेंगे। इस दिन किसान आंदोलन राज्य सरकार
संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन के विभिन्न घटक संगठनों ने आज गांव-गांव में किसान विरोधी काले कानूनों की प्रतियां जलाई। कई स्थानों पर ये प्रदर्शन भाजपाई नेताओं के घरों और कार्यालयों के आगे भी आयोजित किये गए। ये प्रदर्शन किसान आंदोलन के 20 से
संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन के विभिन्न घटक संगठन 5 जून को भाजपा नेताओं और भाजपाई जन प्रतिनिधियों के कार्यालयों और घरों के समक्ष तीनों किसान विरोधी कानूनों की प्रतियां जलाएंगे तथा इन कानूनों की वापसी की मांग करेंगे। आज यहां जारी एक बयान
550 संगठनों से बने संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के देशव्यापी आह्वान पर कल 26 मई को छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन से जुड़े 25 से ज्यादा संगठन कल 26 मई को पूरे प्रदेश में काला दिवस मनाएंगे तथा गांव-गांव, घर-घर में काले झंडे लगाएंगे और मोदी सरकार का पुतला जलाकर किसान
रायपुर. 12 राजनैतिक दलों की ओर से जारी पत्र में संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलन को समर्थन देते हुये नए कृषि कानून को वापस लेने की मांग की गयी और कहा गया है कि इसे वापस लिया जाना चाहिये क्योंकि लाखों किसानों को महामारी का शिकार होने से बचाया जाना चाहिये। तत्काल इसे वापस लिया जाये
संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के देशव्यापी आह्वान पर छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन भी पूरे प्रदेश में 26 मई को काला दिवस मनाएगा। इस दिन किसान अपने घरों और वाहनों पर काले झंडे लगाकर किसान विरोधी तीनों कानून वापस लेने की मांग करेंगे और मोदी सरकार के कुशासन के सात साल
संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के देशव्यापी आह्वान पर छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन और इससे जुड़े घटक संगठन मोदी सरकार की कॉर्पोरेटपरस्त नीतियों के खिलाफ 26 मई को पूरे प्रदेश में काला दिवस मनाएंगे। और इस सरकार की मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करेंगे। आज यहां जारी एक
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर छत्तीसगढ़ के किसानों और नागरिक-समूहों ने भी कल होली के अवसर पर कृषि विरोधी कानूनों का दहन किया और इन कानूनों के खिलाफ चल रहे देशव्यापी संघर्ष को और तेज करने की शपथ ली। छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन के संयोजक सुदेश टीकम