इन दिनों पड़ रही कड़ाके की ठंड ने हर किसी को बेहाल किया हुआ है. दिन में तो लोग जैसे-तैसे आग या धूप सेंककर समय गुजारने में सफल हो रहे हैं लेकिन सर्द रातों का सामना करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है. इससे बचने के लिए अधिकतर लोग रात में स्वेटर या जर्सी पहनकर
भारतीय किचन में पाए जाने वाले ज्यादातर मसाले ऐसे हैं, जिनके इस्तेमाल से आप अपने स्वास्थ्य को तंदुरुस्त रख सकते है. इनमें काली मिर्च, हल्दी, अजवाइन या दालचीनी जैसे कई मसाले हैं, जिनकी हेल्प से आप हमेशा अपनी सेहत का नेचुरल तरीके से ख्याल रख सकते हैं. सही मात्रा में और सही तरीके से इनका
नई दिल्ली. अक्सर हमने किसी न किसी के मुंह से यह कहते सुना होगा कि मेरी आंख फड़क रही है. अगर किसी की आंख फड़कती है तो इसे शगुन या अपशगुन से जोड़कर देखा जाता है. लोगों का यह भी मानना है कि आंख का फड़कने का मतलब आगे होने वाली घटना के बारे में सूचित
बढ़ते वजन को नियंत्रित करना आसान काम नहीं है। इसके लिए लाइफस्टाइल में व्यापक बदलाव की जरूरत है। खराब दिनचर्या, गलत खानपान और तनाव के चलते लोग मोटापे के शिकार हो जाते हैं। एक बार वजन बढ़ जाए, तो वजन कम करना टेढ़ी खीर साबित होता है। विशेषज्ञों की मानें तो डाइट में फैट और
ह्रदय शरीर का प्रमुख अंग है। यह रक्त परिसंचरण में अहम भूमिका निभाता है। जानकारों की मानें तो दिल एक मिनट में तकरीबन 60-90 बार धड़कता है। इस दौरान रक्त शरीर में पहुंचता है। ह्रदय को ऑक्सीजन रक्त से मिलता है। दिल का सेहतमंद रहना बेहद जरूरी है। खासकर सर्दी के दिनों में हृदयघात का
कोरोनाकाल में आपको सेहतमंद रहना हैं तो अपनी इम्यूनिटी को बढ़ाना ही होगा। अदरक हमारी इम्यून पावर बढ़ाने का बेहतरीन सोर्स है, जिसके सेहत के लिए बेहद फायदे है। सर्दी का मौसम है इस मौसम में हम अदरक की चाय पीना बेहद पसंद करते हैं। अदरक ना सिर्फ हमारी चाय का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि
आधुनिक समय में हर कोई खूबसूरत दिखना चाहता है। इसके लिए लोग अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देते हैं। हालांकि, गलत खानपान, खराब दिनचर्या और तनाव की वजह से कई बीमारियां जन्म लेती हैं, जिनसे खूबसूरती गायब हो जाती है। इनमें एक बीमारी मोटापा है, जिससे हर तीसरा व्यक्ति परेशान है। लोग बढ़ते वजन को
नई दिल्ली. सर्दी के दिनों में न केवल सर्दी-खांसी का खतरा बढ़ जाता है, बल्कि वायु प्रदूषण से दिल और फेफड़ों को भी नुकसान पहुंचता है. इन दिनों हवा की गुणवत्ता बेहद ख़राब हो जाती है और इससे सांस संबंधी बीमारियां दस्तक देती हैं. एक्सपर्ट की मानें तो सर्दी के दिनों में वायु प्रदूषण से
नई दिल्ली. सर्दियों का मौसम ज्यादातर लोगों को पसंद है पर ये मौसम अपने साथ बहुत सी परेशानियां भी साथ लेकर आता है. खासकर अस्थमा के मरीजों के लिए बहुत तकलीफ देने वाला होता है. अस्थमा को दमा भी कहा जाता है. कोरोना की वजह से ज्यादा रखना होगा ध्यान इस बार तो वैसे दुनियाभर
फिजिकल एक्टिविटी किसी भी तरह की हो इसका काम बॉडी को फिट रखना होता है लेकिन अगर आप प्रदूषित वातावरण में रह रहे हैं तो किसी भी तरह की एक्टिविटीज आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। कैसे? आइए जानते हैं इसके बारे में… वर्कआउट्स जिन्हें करना है अवॉयड आउटडोर योगा आउटडोर योगा
कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों को कोई भी बीमारी आसानी से अपना शिकार बना सकती है इसलिए बहुत जरूरी है इम्यून सिस्टम को दुरुस्त रखना। इम्यूनिटी बढ़ाने का सबसे पहला स्टेप है शरीर को जरूरी मात्रा में न्यूट्रिशन प्रदान करना, जो फल, सब्जियों और साबुत अनाज से आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
मुंबई. डायबिटीज (diabetes) एक ऐसी बीमारी है जिसे अब तक साइलेंट किलर के तौर पर जाना जाता था. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai) में अब वो मेन किलर हो गई है, यानी मुंबई में डायबिटीज ने अन्य सभी बीमारियों (disease) को पीछे छोड़ दिया है. आंकड़ों के मुताबिक हार्ट अटैक (heart attack) से होने वाली मौतें भी अब
नई दिल्ली. कम हाइट होना सोसाइटी में कई तरह की समस्याओं का कारण बनता है. हाइट कम हो तो लोग मजाक बनाते हैं वो तो अलग ही बात है लेकिन कई बाद जॉब सेलेक्शन में भी दिक्कत होती है. इन सबके के बीच अब कम हाइट वालों के लिए हेल्थ से जुड़ी भी एक समस्या आ गई है.
नई दिल्ली. आज-कल हर तरफ इमारतों की ऊंचाई बढ़ती जा रही है और बस्तियां भी घनी होती जा रही हैं. वहीं 9 घंटे की थकान भरी ड्यूटी के दौरान सुबह की धूप ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी ईद का चांद हो गई है. ऐसे में लोगों में विटामिन डी की कमी बड़ी
नई दिल्ली. आमतौर पर स्मार्टफोन के उपयोग के नकारात्मक प्रभावों के बारे में लोगों को बात करते देखा जाता है, लेकिन हाल ही में शोधकर्ताओं ने कुछ ऐसा पाया है जिसके मुताबिक टीनएजर्स का अपने फोन पर या ऑनलाइन वक्त बिताना मानसिक स्वास्थ्य के लिए उतना भी बुरा नहीं है. नॉर्थ कैरोलिना विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर माइकेलिन जेन्सन