आध्यात्म नगरी में 64 दीक्षा महोत्सव का दिव्य शुभारंभ मुंबई/अनिल बेदाग : जब सांसारिक रंग फीके पड़ जाएँ और वैराग्य सबसे गहरा रंग बन जाए—तब जन्म लेता है ऐसा उत्सव, जो केवल आँखों को नहीं, आत्मा को भी स्पर्श करता है। मुंबई में पहली बार आयोजित हो रहे 64 दीक्षा महोत्सव के अवसर पर शुरू