बीजिंग. भारत और चीनी सेनाओं के बीच हाल ही में पूर्वी लद्दाख में डिसइंगेजमेंट को लेकर सहमति बनी थी और अब भारत को लेकर चीन का रुख बदल गया है. चीनी विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) ने कहा कि चीन (China) और भारत (India) को सीमा मुद्दे के हल के लिए एक-दूसरे को नुकसान
नई दिल्ली. भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) के साथ अहम चर्चा की है. विदेश मंत्री ने इस दौरान पूर्वी लद्दाख सीमा गतिरोध पर ‘मास्को समझौते’ (Moscow Agreement) के क्रियान्वयन और सैनिकों की वापसी की स्थिति की समीक्षा भी की. गौरतलब है कि पिछले साल
बीजिंग. जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति इमर्सन म्नांगगवा ने हरारे में चीन (China) के विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) से मुलाकात की. इस मौके पर जिम्बाब्वे के उप राष्ट्रपति कॉन्स्टेंटिनो चिवेंगा भी उपस्थित थे. राष्ट्रपति म्नांगगवा ने कहा कि जिम्बाब्वे (Zimbawe) और चीन के बीच गहरे मैत्रीपूर्ण संबंध है. जिम्बाब्वे, चीन को ईमानदार और विश्वसनीय मित्र समझता है. उन्होंने कहा कि मैंने
बीजिंग.चीनी विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) ने कहा कि चीन-अफ्रीका सहयोग मंच की उपलब्धियां अफ्रीका के विभिन्न क्षेत्रों तक फैली हैं. गत वर्ष चीन-अफ्रीका व्यापार 2 करोड़ अमेरिकी डॉलर (US Dollar) से अधिक रहा. चीन लगातार 11 सालों से अफ्रीका का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है. चीन-अफ्रीका सहयोग मंच के प्रोत्साहन में अन्य देशों ने
बीजिंग. चीनी स्टेट काउंसिलर व विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) ने मंगलवार को पेइचिंग में कहा कि चीन अंतर्राष्ट्रीय निष्पक्षता और न्याय की दृढ़ता से रक्षा करेगा, किसी एकपक्षीय और धमकाने वाली कार्रवाई का विरोध करेगा तथा राजनीतिक और राजनयिक रूप से ईरान के परमाणु मामले के समाधान को आगे बढ़ाएगा. वांग यी ने मंगलवार को ईरान (Iran) के
नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 और 35ए को हटाने के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट साफ नजर आ रही है. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर कोई समर्थन नहीं मिल रहा है. ऐसे में अब उसने चीन से मदद लेने का फैसला लिया है, जिसके चलते अब पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी अपनी तीन दिवसीय दौरे