कोरबा में बरसी बागेश्वर सरकार की कृपा, 544 की ‘घर वापसी’ और असहायों को मिला सहारा
कोरबा | ग्राम ढपढप में आयोजित पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पांच दिवसीय दिव्य हनुमंत कथा बुधवार को संपन्न हो गई। यह कथा न केवल भक्ति और प्रवचनों के लिए, बल्कि मानवता, सेवा और सनातन धर्म के प्रति अटूट आस्था की कई यादगार घटनाओं के लिए हमेशा याद की जाएगी। अंतिम दिन महाराज श्री माँ सर्वमंगला के दरबार पहुंचे और सामूहिक विवाह के साक्षी बने।
कथा के चौथे दिन मंगलवार को ‘घर वापसी’ का बड़ा दृश्य देखने को मिला। बेमेतरा के कोदवा निवासी मोहम्मद अनवर अली ने अपनी पत्नी हसीना और दोनों बेटों के साथ स्वेच्छा से सनातन धर्म स्वीकार किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चार और गंगाजल छिड़काव के साथ उनका स्वागत किया और अनवर को नया नाम ‘आदर्श दास’ दिया। उनके साथ ही कुल 544 लोगों ने हिंदू संस्कृति को अपनाया। अनवर ने भावुक होकर कहा कि बचपन से ही हिंदू संस्कृति के प्रति उनके मन में गहरा लगाव था।
0 वृद्ध की पीड़ा देख पसीजा बाबा का दिल, मंच से दी आर्थिक मदद
दिव्य दरबार के दौरान मानवता की मिसाल पेश की गई। मुनगाडीह निवासी बुजुर्ग शत्रुघ्न श्रीवास की कहानी सुनकर महाराज श्री भावुक हो गए। बेटे-बहू की मृत्यु के बाद पाँच पोतों की जिम्मेदारी संभाल रहे वृद्ध की आर्थिक तंगी देख बाबा ने तत्काल अपने निजी थैले से 50 हजार रुपये निकालकर दिए। इसके बाद संगत के सहयोग से कुल 1 लाख 6 हजार रुपये एकत्रित कर बुजुर्ग को सौंपे गए। महाराज ने उन्हें सुरक्षित घर पहुँचाने और बागेश्वर धाम आने का न्योता भी दिया।
0 ‘अपना घर’ में सेवा देख बोले- ‘यह ईश्वर की साक्षात कृपा’
बुधवार की रात बागेश्वर सरकार ‘अपना घर सेवा आश्रम’ पहुंचे। यहाँ मानसिक रूप से कमजोर और अनाथ बच्चों की सेवा कर रहे राणा मुखर्जी और प्रभजोत मुखर्जी के सेवा कार्यों की उन्होंने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ भाव से की जा रही यह सेवा ही असली भक्ति है। महाराज ने आश्रम के बच्चों और संचालकों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


