नक्सलवाद खात्मे को लेकर गृहमंत्री और मुख्यमंत्री अलग अलग तारीख बता रहे है कौन सही?

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नक्सलवाद खात्मे की तिथि 31 दिसम्बर 2026 बताये जाने पर सवाल खड़ा करते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा नक्सलवाद खात्मे को लेकर क्या केंद्रीय गृहमंत्री एवं मुख्यमंत्री के बीच मतभेद है? केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह नक्सलवाद खात्मे की डेड लाईन 31 मार्च 2026 बताते है, वही गृहमंत्री के साथ बैठक के पश्चात मुख्यमंत्री मीडिया के सवालो का जवाब देते हुए कहते है, 31 दिसम्बर 2026 तक नक्सलवाद खत्म होगा। आखिर क्या चल रहा है? इन दोनों प्रमुखों के बयान से जनता भ्रमित है।सच क्या है? जनता जाना चाहती है। जनता केंद्रीय गृहमंत्री के बयान पर भरोसा करें या राज्य के मुखिया पर?


प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा पूरा प्रदेश चाहता है कि नक्सलवाद खत्म हो।इसकी ठोस रणनीति बने ताकि भविष्य में इस प्रकार से हिंसात्मक गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगे। फोर्स और सुरक्षा के जवान लगातार नक्सलियों के खिलाफ आक्रामक कार्यवाही कर रहे है। लेकिन गृहमंत्री और मुख्यमंत्री के बयान का विरोधभास संसय पैदा कर रहा है। क्या केंद्रीय गृहमंत्री हड़बड़ी में है, इसलिये 31 मार्च की बात कर रहे है और मुख्यमंत्री वास्तविकता को जान रहे है, इसलिये 31 दिसम्बर 2026 तक कि डेड लाईन बता रहे है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा नक्सलवाद खात्मे को लेकर मुख्यमंत्री को स्पस्ट जवाब जनता को देना चाहिए। नक्सलवाद के खिलाफ चलाये जा रहे मुहिम में पूरा प्रदेश एक साथ खड़ा हुआ है, लेकिन गृहमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच समन्वय की कमी नजर आ रही जो दोनों के अलग-अलग बयान से झलक रहा है। ये प्रदेश के हित में नही है।

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