March 5, 2021
स्वर्गीय बीआर यादव स्मृति व्याख्यान माला में पहुंचे वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर डाला प्रकाश
बिलासपुर. पूर्व मंत्री स्व बी आर यादव जी की 8 वी पुण्यतिथि पर रावत नाच महोत्सव आयोजन समिति द्वारा 05 मार्च को शाम 4.00 बजे ,स्व बी आर यादव प्रतिमा बृहस्पति बाजार में ” स्व बी आर यादव स्मृति व्याख्यान माला ” का आयोजन किया गया , जिसमे मुख्यवक्ता व अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार रमेश अनुपम रायपुर ने शिरकत की । मंच पर अपैक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चन्द्राकर, पूर्व राज्य सभा सांसद रामाधार कश्यप, प्रदेश उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, शहर अध्यक्ष प्रमोद नायक,किसान नेता आनन्द मिश्रा, पुर्व महापौर किशोर राय, सभापति शेख नजीरुद्दीन ,रावत नाच महोत्सव के संरक्षक डॉ कालीचरण यादव ,कृष्ण कुमार यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में विराज मान थे ,कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर रामशरण यादव ने की ।
मुख्य वक्ता रमेश अनुपम ने ” भारतीय लोक तंत्र की चुनौतियां ” पर अपना विचार रखा । श्री अनुपम ने कहा कि लोक तंत्र की खूबशूरती यही है कि सहमति व असहमति होने का अधिकार होना पर वर्तमान में उस अधिकार को भी खत्म किया जा रहा है ,ये जरूरी नही की आपके विचार और मेरे विचार में इत्तेफाक हो ,किंतु वर्तमान सरकार तानाशाह रवैया अपना कर अपने विचारो को थोपने का प्रयास कर रही है ,यही कारण है कि दिशा रवि जैसे अनेक लोग जेल की सलाखों केबीच है ,सरकार सुभाष चन्द्र बोस को आदर्श मानने का ढोंग तो करती है पर आज सुभाष चन्द्र बोस के नारे ” जय हिंद ” को स्वीकार नही कर रही है ,इस देश की आज़ादी के समय न धर्म , न जात-पात और नही सम्प्रदायवाद हावी था ,सबका एक लक्ष्य था आज़ादी । पर इन 7 वर्षो में सामाजिक समरसता को खत्म कर समाज को बांटने का काम हुआ है ,महंगाई ,आर्थिक असफलता को छिपाने के लिए केंद्र सरकार ये सब काम का रही है ,उन्होंने कहा कि जर्मनी निराशा और असफलता के समय मे एक ऐसा व्यक्ति सामने आया हिटलर , जिसने जर्मन लोगो को ये बताने सफल रहा कि आपकी समस्याओ को मैं ही और केवल मैं ही बदल सकता हु ,और पूरा देश उसके पीछे हो चला जिसकी बड़ी कीमत जर्मनी को चुकाना पड़ा ,कमोबेश वही स्थिति देश मे है पर समय के प्रवाह में सब भ जाएंगे और हमारा लोक तंत्र पुनः अपने गौरव के साथ स्थापित होगा । महापौर रामशरण यादव ने कहा कि स्व बी आर यादव जी सहज ,सरल ,सौम्य चरित्र के व्यक्ति थे ,उन्होने शहर विकास के लिए विश्वविद्यालय, एसईसीएल मुख्यालय,अरपा नदी पर पूल, जैसे विकास के अनेक कार्य किये ,शहर के विकास में यादव जी का योगदान मिल के पत्थर साबित हुआ ।
अपैक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ ,पूर्व सांसद रामाधार कश्यप, प्रदेश उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव,प्रमोद नायक,शेख नजीरुद्दीन, आनन्द मिश्रा,किशोर राय,, ने भी अपना विचार रखा,कार्यक्रम का संचालन रामगोपाल यादव ने किया ,आभार प्रदर्शन डॉ कालीचरण यादव ने किया । बुधराम यादव ने कविता के माध्यम से श्रद्धांजलि दी ।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज और शहर के लोग उपस्थित थे ,भुवनेश्वर यादव, धन्नू यादव, शंकर यादव,विजय यादव,चन्द्रिका यादव,संजय यादव,लकी यादव,दिनेश सीरिया ,हीरा यादव, प्रानकित यादव, चिंटू यादव,अलोक यादव,आदित्य यादव,प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण राय,ऋषि पांडेय,राकेश शर्मा,देवेंद्र सिंह,सुभाष ठाकुर,रामचन्द्र क्षत्री, धर्मेश शर्मा, अमृत आनन्द,ब्रजेश साहू,पीयूष कांत मुखर्जी,सीमा पांडेय,अफ़रोज़ खान,उमेश कश्यप, शिवा पांडेय,सरफराज,जयंत मनहर,राम कुमार यादव,राजेन्द्र यादव,घनश्याम दिव्य,डीगु राव,दीपक कौशिक,मिर्जा इलियास बेग,आशीष कापसे, अमित श्रीवास्तव, ध्रुव यादव,सुदर्शन भोई ,जय यादव,भागीरथी यादव आदि थे ।