छत्तीसगढ़ी गीतों में परंपरा और प्रयोग हो पर मूल भावना से छेड़छाड़ न हो : डॉ. विनय पाठक

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बिलासपुर. बिलासा कला मंच द्वारा आयोजित 31 वां बिलासा महोत्सव का शुभारंभ में छत्तीसगढ़ी लोकगीतों में परंपराएं एवं प्रयोग विषय पर केंद्रित संवाद की अध्यक्षता करते हुए मुख्य वक्ता के तौर पर बोलते हुए डॉ विनय कुमार पाठक ने कहा कि छत्तीसगढ़ी लोकगीत और लोकसंगीत पीढ़ी दर पीढ़ी परम्परा के रूप में आगे बढ़ते आया है परंपरा और प्रगतिशीलता में कोई विरोध नहीं है।इसमें समयानुसार  प्रयोग भी किया जाता रहा है।प्रयोग हो लेकिन लोकगीतों के मूल भावना और आचरण से छेड़छाड़ न हो।उन्होंने छत्तीसगढ़ी लोकगीतों के अनेकानेक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रयोग युग के साथ कदमताल करने का उद्यम है। वक्ता डॉ विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि लोकगीत और लोकसंगीत हमारे संस्कृति के अहम हिस्से हैं।परंपरागत रूप है हम इसे अपने माता पिता और जनमानस से सुनते हैं जो समय के अनुसार नये नये रूपों में भी देखने सुनने मिल जाता है।अच्छा होता कि लोकगीतों की महक बनी रहे। वक्ता डॉ अजय पाठक ने कहा कि आम जनजीवन में लोकगीत और संगीत इतने घुलमिल गये हैं कि कब ये दूसरे पीढ़ी में हस्तांतरित हो जाये पता नहीं चलता।कुछ विकृत सोच वाले लोकगीतों को तोड़मरोड़ कर प्रस्तुत कर रहे हैं जो सही नहीं है।कार्यक्रम के शुरुआत में मंच के संस्थापक डॉ सोमनाथ यादव ने कहा कि कोरोना प्रकोप और शासन से सहयोग नहीं मिलने के कारण इस वर्ष बिलासा महोत्सव अपने मूल स्वरूप में एक ही दिन 21 फरवरी को पंडित देवकीनंदन दीक्षित सभा भवन में आयोजित होगा।बिलासा कला मंच अपने वैचारिक संवाद के रूप में आज के संवाद कार्यक्रम को आयोजित कर रही है।कार्यक्रम के आरंभ में अतिथियों के स्वागत,स्मृति चिन्ह व उत्तरवर्णी परिधान व पुष्प गुच्छ से किया गया।स्वागत भाषण मंच के मार्गदर्शक राजेन्द्र मौर्य ने दिया।कार्यक्रम में बिलासा कला मंच के मार्गदर्शक राजेन्द्र मौर्य,डॉ सुधाकर बिबे,चंद्रप्रकाश देवरस,चंद्रप्रकाश वाजपेयी, राघवेन्द्र धर दीवान,अजय शर्मा,सनत तिवारी,केवलकृष्ण पाठक,डॉ सोमनाथ मुखर्जी,जसबीर गुम्बर,सतीश पांडे,डॉ विनोद वर्मा,विश्वनाथ राव,देवानंद दुबे,कोषाध्यक्ष अश्विनी पांडे,सचिव रामेश्वर गुप्ता,नरेन्द्र कौशिक,ओमशंकर लिबर्टी,महेन्द्र साहू,राघवेंद्र दुबे,विनोद गुप्ता,मनोहर दास मानिकपुरी, सुनील तिवारी, बद्री कैवर्त, धर्मवीर साहू,श्यामकार्तिक,प्रदीप कोशले,दिनेश्वर जाधव,नितेश पाटकर,जितेंद्र सोनी,द्वारिका वैष्णव,पूर्णिमा तिवारी,बसंती वर्मा,विपुल तिवारी, उमेन्द्र यादव,संजय डहरिया,थानुलाल लसहे,शैलेश कुम्भकार सहित कई लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन मंच के अध्यक्ष महेश श्रीवास ने और आभार प्रदर्शन यश मिश्रा ने किया।

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