May 28, 2024

आज लड़कियां पढ़ रही है , यह महात्मा ज्योतिबा फुले जी की देन है , लड़कियों का पहला स्कूल खोलने का श्रेय उन्हें ही जाता है – कुणाल रामटेके

बिलासपुर। ज्योतिबा फुले जयंती पर आयोजित शाला स्तरीय सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में मुख्य वक्ता सामाजिक कार्यकर्ता कुणाल रामटेके ने सर्वप्रथम सत्यशोधक समाज के संस्थापक, शिक्षा की अलख जगाने वाले समाज सुधारक, प्रबोधक,विचारक, समाजसेवी, लेखक, दार्शनिक और क्रांतिकारी महात्मा ज्योतिबा फुले जी की जयंती की सभी को बधाई दी और शिक्षा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा शिक्षा के बिना समझदारी खो गई, समझदारी के बिना नैतिकता खो गई, नैतिकता के बिना, विकास खो गया, धन बिना समाज बर्बाद हो गया। इसलिए ज्योतिबा फुले ने कहा शिक्षा महत्वपूर्ण है। शिक्षा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा ज्योतिबा फुले जी के द्वारा महाराष्ट्र में विद्यालयों का विकास कराया गया। उनके द्वारा संचालित 18 विद्यालय का जिक्र बंबई प्रेसीडेंसी के शिक्षा अभिलेखों से मिलता है। उन्होंने प्रौढ़ – शिक्षा, स्त्री-पुरुष के लिए अलग-अलग रात्रि पाठशालाएं खोली। और सभी को स्वयं पढ़ाया करते थे। महाराष्ट्र के एक भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता, व्यवसायी, जाति-विरोधी समाज सुधारक और लेखक थे। उनका काम कई क्षेत्रों तक फैला हुआ है, जिसमें अस्पृश्यता और जाति व्यवस्था का उन्मूलन और महिलाओं और उत्पीड़ित जाति के लोगों को शिक्षित करने का प्रयास रहा। उन्होंने महाराष्ट्र में सर्वप्रथम महिला शिक्षा तथा बहुजन समाज द्धार का काम आरंभ किया था। उन्होंने पुणे में लड़कियों के लिए भारत की पहली शाला खोली थी। इन प्रमुख सुधार आंदोलनों के अतिरिक्त हर क्षेत्र में छोटे-छोटे आंदोलन जारी थे, जिसने सामाजिक और बौद्धिक स्तर पर लोगों को परतंत्रता से मुक्त किया। ज्योतिबा फुले के आधुनिक शिक्षा के संबंध में सभी को जाती से मुक्ति दिलाने के लिए फुले जी ने उन्हें संगठित होने और आधुनिक शिक्षा प्राप्त करने की सलाह दी। अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले तथा अन्य सहयोगियों की मदद से उन्होंने कई शिक्षण संस्थाओं की स्थापना की। लड़कियों का पहला स्कूल खोलने का श्रेय उन्हें ही जाता है । कुणाल रामटेके ने कहा की आज लड़कियां पढ़ रही है , यह महात्मा ज्योतिबा फुले जी की देन है।
तत्पश्चात बौद्ध समाज अध्यक्ष सारंग राव हुमने जी ने अपने प्रबोधन में कहा कि ज्योतिबा के प्रयासो, संकल्प शिक्षा का परिणाम है कि शिक्षा के क्षेत्र में महिलाएं इतनी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। अंत में अध्यक्ष महोदय द्वारा ही सभी बच्चों को उनके पालकों को आज आयोजन में भाग लेने के लिए धन्यवाद देकर कार्यक्रम का समापन किया।
शाला स्तरीय सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन में वर्तमान में 12वी तक पढ़ने वाले लगभग 36 बच्चों ने भाग लिया।
डॉ. बी. आर. अंबेडकर हायर सेकेंडरी स्कूल ,डॉ. अंबेडकर नगर मगरपारा, बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम दिनांक 11 अप्रैल 2024 सुबह 10 बजे से प्रारंभ हुआ।
जिसमें प्रथम पुरस्कार ₹ 3000 ,द्वितीय पुरस्कार
₹ 2000 एवं तृतीय पुरस्कार ₹ 1000 रखा गया है। ‌ यह पुरस्कार 14 अप्रैल डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर जयंती के दिन दिया जायेगा।
महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका बौद्ध समाज अध्यक्ष सारंग‌ राव हुमने, नरेंद्र रामटेके, हरीश वाहने, महेश चंद्रिकापुरे, राजेश हुमने प्रफुल्ल गेडाम, सुबोध‌ रंगारी, मधुकर वासनिक, अशोक वाहने, सुखनंदन मेश्राम, नारायण राव हुमने, मगन गेडाम, एम आर बाम्बोर्ड, छेदीलाल मेश्राम, अशोक ठाकरे, धर्मेंद्र टेंभुर्णेकर, बसंत बौद्ध, विनोद बौद्ध, जितेन्द्र भावे, सुर्यकांत भालाधरे, कपिल डोंगरे ,कैलाश गजभिए, राजेश रामटेके,शीतल रामटेके, सुर्यभान वाल्के, कमलेश लाव्हात्रे, मयंक मेश्राम, संतोष खोब्रागड़े, मनोज बौद्ध,विनोद उके,जितेन्द्र खोब्रागडे , कुणाल रामटेके , सागर हुमने, नितेश अंबादे, मिलींद खोब्रागड़े, रत्नेश उके, राजा नंदेश्वर, महिलाओं‌ में ललिता वाहने, सरोज हुमने, सुजाता वाहने ,स्वेता गेडाम, सरिता कामडे,शारदा रामटेके उजाला च़द्रिकापुरे, मीरा वाल्के, अनिता खोब्रागड़े,वर्षा गजभिए सरला रामटेके, अनामिका पाटिल, वंदना भांगे‌ साथ ही युवा साथियों में स्वप्निल हुमने, प्रत्युश गेडाम, साहिल हुमने, रोनीत उके, आभास पाटिल इनके साथ संघमित्रा वाहने, वर्षा रामटेके, रश्मि नागदौने, प्रज्ञा मेश्राम भी उपस्थित रहे।

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