बाल विवाह कराने पर दो साल का कठोर कारावास, एक लाख रुपये जुर्माना


बिलासपुर. बाल विवाह कानून के अंतर्गत 21 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह कानूनन प्रतिबंधित है। बाल विवाह करना, करवाना, सहायता करना, बाल विवाह को बढ़ावा देना, उसकी अनुमति देना अथवा बाल विवाह में सम्मिलित होना अपराध है। इसके लिए 2 वर्ष तक का कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि 1 लाख रुपए तक हो सकता है अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है। बाल विवाह कानूनन अपराध है और इसके बहुत सारे नुकसान हो सकते है। बाल विवाह से शिक्षा का अभाव, मानसिक विकास में रूकावट, मातृ मृत्यु दर में वृद्धि, सम्पूर्ण गर्भावस्था, हिंसा व दुव्र्यवहार, शारीरिक दुर्बलता जैसे विकार उत्पन्न हो जाते है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ में बाल विवाह के रोकथाम के लिए पहल की जा रही है। बाल विवाह के रोकथाम एवं शिकायत के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा हेल्पलाईन नंबर 1098 या 181 जारी किया गया है। इसके साथ ही पुलिस सहायता के लिए 100 या 112 नंबर डायल करके सहायता ली जा सकती है।

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