November 23, 2021
महतारी एक्सप्रेस और मितानिन के सहयोग से जिले में अब तक 1.58 लाख से अधिक हुए सुरक्षित संस्थागत प्रसव
बिलासपुर. कहते हैं जीवनदान से बड़ा दान दूसरा कुछ भी नहीं है। ऐसा ही कुछ दान कर रहे हैं महतारी 102 एक्सप्रेस के कर्मचारी। सूचना मिलते ही यह लोग तुरंत प्रसूता तक पहुंचते हैं और उसे नजदीकी अस्पताल या सीएचसी में पहुंचाते हैं। इससे न सिर्फ संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ रही है, बल्कि इससे जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ भी रहते हैं। महतारी एक्सप्रेस के स्टॉफ का कहना है कि इस नेक कार्य में मितानिन की भूमिका भी काफी अहम है। उसके बिना सहयोग के यह कार्य करना असंभव सा होता है। बिलासपुर जिले में महतारी एक्सप्रेस योजना के सफल संचालन को 8 साल पूरे हो चुके हैं। यहां महतारी एक्सप्रेस के स्टॉफ और मितानिन के सहयोग 1.58 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराया जा चुका है।
बिलासपुर के सीएमएचओ डॉ. प्रमोद महाजन ने बताया, “छत्तीसगढ शासन ने गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी लाभ पहुंचाने के लिए 102 महतारी एक्सप्रेस (एम्बुलेंस) योजना शुरू की है। बिलासपुर में इसकी शुरूवात 23 अगस्त 2013 को 21 एम्बुलेंसों के साथ की गई थी। राज्य की बात करें तो यहां 324 एम्बुलेंसों का परिचालन 24 घंटे 365 दिन किया जा रहा है। बिलासपुर जिले में 17 महतारी एम्बुलेंस वर्तमान में सेवा दे रही हैं। किसी भी प्रकार की प्रसव संबंधी सहायता, प्रसव पूर्व जांच, नसबंदी या 1 वर्ष तक के बीमार नवजात शिशुओं के नि:शुल्क उपचार के लिए 102 महतारी एक्सप्रेस सेवा का लाभ 102 टोलफ्री नंबर पर काल करके लिया जा सकता है। शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक मरीज को इस योजना का लाभ मिल रहा है।“
2 लाख महिलाओं का प्रसव, 28 हजार बच्चों का कराया इलाज
जिले में 97,401 गर्भवती महिलाओं को अब तक महतारी एक्सप्रेस सेवा के माध्यम से घर से अस्पताल तक पहुंचाया गया है। वहीं 1.18 लाख महिलाओं को प्रसव के बाद अस्पताल से घर तक सुरक्षित छोड़ा गया। वहीं एक वर्ष तक के 28,781 नवजात शिशुओं को स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई गई है। 68 गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पहले जांच के लिए घर से अस्पताल और अस्पताल से घर तक पहुंचाया गया। 25,195 गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को उच्च स्तरीय इलाज के लिए बड़े अस्पताल पहुंचाया गया है।
जिले में 97,401 गर्भवती महिलाओं को अब तक महतारी एक्सप्रेस सेवा के माध्यम से घर से अस्पताल तक पहुंचाया गया है। वहीं 1.18 लाख महिलाओं को प्रसव के बाद अस्पताल से घर तक सुरक्षित छोड़ा गया। वहीं एक वर्ष तक के 28,781 नवजात शिशुओं को स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई गई है। 68 गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पहले जांच के लिए घर से अस्पताल और अस्पताल से घर तक पहुंचाया गया। 25,195 गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को उच्च स्तरीय इलाज के लिए बड़े अस्पताल पहुंचाया गया है।
11,601 कोरोना संक्रमित गर्भवती महिलाओं को पहुंचाया अस्पताल कोरोना काल में जहां लोग घर से निकलने में डर रहे थे, महतारी एक्सप्रेस का स्टॉफ गर्भवती महिलाओं को जीवन देने पर लगा हुआ था। उनके द्वारा संक्रमित गर्भवती माताओं और नवजात शिशुओं को भी उपचार के लिए अस्पताल तक पहुंचाया गया। मई 2020 से जुलाई 2021 तक कुल 11,601 कोरोना संभावित और संक्रमित गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं का सफलतापूर्वक इलाज कराने के लिए 102 महतारी एक्सप्रेस एम्बुलेंस से अस्पताल और कोविड केयर सेंटर तक पहुंचाया गया।
एक साल में बिलासपुर जिले को दी गई महतारी एक्सप्रेस की सेवा
कुल केस – 6,48,812
प्रसव पूर्व जांच – 1,59,087
प्रसव के लिए अस्पताल – 1,58,270
प्रसव के बाद घर वापसी – 2,49,390
उच्च अस्पताल रेफर – 38,660
0 से 1 वर्ष के बच्चे से संबधित – 36,895
कोविड पेसेंट – 6,510
कुल केस – 6,48,812
प्रसव पूर्व जांच – 1,59,087
प्रसव के लिए अस्पताल – 1,58,270
प्रसव के बाद घर वापसी – 2,49,390
उच्च अस्पताल रेफर – 38,660
0 से 1 वर्ष के बच्चे से संबधित – 36,895
कोविड पेसेंट – 6,510