जिले के सामुदायिक व स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रेबीज वैक्सीन का टोटा

बिलासपुर. सिम्स, जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन मिलने लगा है लेकिन इसके विपरीत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में इनका स्टॉक खत्म हो गया है ऐसे में कुत्ता काटने का मामला आने पर सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से ग्रामीणों को 4० से 5० किलोमीटर दूर मुख्यालय भेज दिया जा रहा है या फिर उन्हें वैक्सिीन खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है सिम्स और जिला अस्पताल में तकरीबन 6 महीने बाद एंटी रेबीज वैक्सीन की कुछ स्टॉक उपलब्ध हो गया है जिससे शहरी लोगों को फिर से निशुल्क एंटी रेबीज वैक्सीन मिलने लगी है लेकिन इसकी आपूर्ति ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित समुदायिक स्वास्थ्य व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में नहीं किया जा रहा है ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र में कुत्ता काटने के मामले होने पर पीड़ित सीधे इन केंद्रों में पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें पता चल रहा है कि वैक्सीन उपलब्ध नहीं है यदि निशुल्क वैक्सीन चाहिए तो सिम्स या जिला अस्पताल भेजा जाता है अन्यथा बाजार से खरीद कर लाने पर वैक्सीन लगाया जा रहा है ग्रामीण क्षेत्रों में यह स्थिति पिछले 1 महीने से बनी हुई है निशुल्क होने के बाद भी इसकी सेवा से ग्रामीण वंचित हो रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में हर दिन 1०० से ज्यादा मामले 
 आंकड़ों के अनुसार जिले के सभी ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक केंद्र को मिलाकर रोजाना 1०० से ज्यादा ग्रामीण कुत्ता काटने के शिकार होते हैं और वैक्सिीन नहीं मिलने की वजह से आधे से ज्यादा को सिम्स और जिला अस्पताल का चक्कर लगाने के लिए बाध्य होना पड़ता है इसके बाद भी जिले का स्वास्थ्य विभाग इन केंद्रों में वैक्सीन उपलब्ध नहीं करा पा रहा है।

वैक्सीन लगवाने खर्च हो रहा 1625 रुपए 
2 दिन पहले रतनपुर स्वास्थ्य केंद्र में जाली ग्राम निवासी धनीराम अपने बच्चे को कुत्ता काटने के बाद इलाज के लिए गया वहीं कर्मचारी ने बातया कि वैक्सीन नहीं है कर्मियों ने बताया कि निश्चित अवधि में 5 वैक्सीन लगेगा ऐसे में उसे बाजार से 1625 रुपए के वैक्सिीन खरीदना पड़ा एक वैक्सीन की कीमत 325 रुपए है. जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्र में रहने वालों को कुत्ता काटने पर 1632 रुपए खर्च करना पड़ रहा है।

एंटी रेबीज वैक्सीन की कमी बनी हुई है स्टॉक के कम होने से समुदाय और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में इसकी सप्लाई आवश्यकता अनुसार नहीं हो पा रही है शासन तो वैक्सिीन के लिए डिमांड भेजा गया है।

डॉ.प्रमोद महाजन सीएमएचओ बिलासपुर।

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